भारतीय मुस्लिम संगठन ने फिलिस्तीनी भूभाग पर कब्जा करने की इजरायल की योजना की निंदा की
नई दिल्ली, 27 जून: भारतीय मुस्लिम संगठन जमाअत इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने इजरायल की पश्चिमी किनारा में फिलिस्तीनी भूभाग के बड़े पैमाने पर कब्जा करने की योजना की निंदा की है और तत्काल अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।
मीडिया को जारी एक बयान में जमाअत अध्यक्ष ने कहा: “एक रिपोर्ट के अनुसार इजरायल बड़े पैमाने पर पश्चिमी किनारा में फिलिस्तीनी भूभाग पर कब्जा करने की योजना बना रहा है हम इस योजना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि वह इजरायल को नापाक योजनाओं के कार्यान्वयन से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करे।
क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय अखंडता के मान्यता प्राप्त सिद्धांतों का स्पष्ट और खुल्लम खुल्ला उलंघन है जिसमें यह बात कही गयी है कि युद्ध द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता । इस सिलसिले में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की कमज़ोर प्रतिक्रिया से जमाअत इस्लामी हिन्द अत्यंत चिंतित है । जमाअत संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील करती है कि वह फिलिस्तीन से सम्बंधित न्याय के सभी स्वीकृत मानदंडों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के उल्लंघन को रोकने के लिए आगे बढे । "
सैयद सआदतुल्लाह ने कहा: “जमाअत इस्लामी हिंद ने अन्यायपूर्ण कब्जे, कॉलोनियों के अवैध निर्माण और इजरायल के हाथों फिलिस्तीन के साथ घोर अन्याय के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रही है । हम मुस्लिम समुदाय और दुनिया के सभी शांति और न्याय-प्रेमी लोगों से अपील करते हैं कि वे "प्रथम क़िब्ला" (मुस्लमान पहले जिस तरफ रुख करके नमाज़ पढ़ते थे) कि स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढे।
ताकि फिलिस्तीन के लोगों को उनकी भूमि पर मौलिक अधिकार सुनिश्चित करने और शांतिपूर्ण और संवैधानिक साधनों का इस्तेमाल करते हुए फिलिस्तीनी समस्याओं के हल को यक़ीनी बनाया जा सके ।
हिंदुस्तान हमेशा से ही साम्रज्यवादी शक्तिओं के खिलाफ संघर्षरत रहा है और उन देशों का साथ दिया है जो साम्रज्य्वाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे रहे हैं । इसलिए जमाअत इस्लामी हिन्द भारत सर्कार से अपील करती है कि वह इसराइल के इस क़दम के खिलाफ सार्वजनिक रूप से सामने आये और इजरायल और नेतन्याहू को विस्तारवादी योजनाओं से दूर रहने की सलाह दे, नेतन्याहू इस विस्तारवादी योजना कि आड़ में अपने ऊपर लगे आपराधिक आरोप में सजा को रोकना और राजनितिक अस्तित्व को सुनिश्चित करना चाहता । ”

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