भारत–सऊदी अरब संबंध नए युग में प्रवेश कर गए हैं / भारतीय राजदूत ,डॉ. सुहैल एजाज़ खान

अशरफ अली बस्तवी | एशिया टाइम्स एक्सक्लूसिव

रियाद : (अशरफ अली बस्तवी | एशिया टाइम्स एक्सक्लूसिव) भारत और सऊदी अरब एशिया की उभरती हुई आर्थिक और राजनीतिक ताकतों में से दो प्रमुख देश पिछले एक दशक में अपने संबंधों में गहरा परिवर्तन देख रहे हैं। जो रिश्ता कभी सिर्फ ऊर्जा व्यापार पर आधारित था, वह आज रणनीतिक साझेदारी का रूप ले चुका है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान हर क्षेत्र में दोनों देशों के बीच गहरा सहयोग बढ़ा है।

सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहैल एजाज़ खान ने आज रियाद में भारतीय पत्रकारों के साथ दोपहर के भोजन पर बातचीत करते हुए इन संबंधों की प्रमुख विशेषताओं को साझा किया। डॉ. खान ने बताया कि भारत–सऊदी साझेदारी किस तरह विजन-2030 के तहत नई ऊँचाइयों को छू रही है। इन दिनों कई भारतीय पत्रकार अल सुवैदी फेस्टिवल की रिपोर्टिंग के लिए रियाद में मौजूद हैं  यह फेस्टिवल सऊदी समाज के खुलेपन और वैश्विक संस्कृति के स्वागत का प्रतीक बन गया है, जिसमें भारत की भागीदारी भी विशेष रूप से दिखाई दे रही है " उन्हों ने कहा सऊदी सरकार के मीडिया मंत्रालय की ग्लोबल हार्मोनी की पहल  बहुत सराहनीय है 


ministry of media kingdom of saudi arabia to launch global harmony initiative as riyadh season commence – The News Mill

भारत और सऊदी अरब के बीच कूटनीतिक संबंध 1947 में स्थापित हुए थे। वर्ष 2010 में इन्हें रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला। अक्टूबर 2019 में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी परिषद (SPC) की स्थापना की, जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) करते हैं।

इस पहल ने पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी और MBS के बीच व्यक्तिगत करीबी संबंधों में नई ऊर्जा भर दी है। दोनों नेता अब तक आठ बार मिल चुके हैं, जिनमें G20 शिखर सम्मेलन (अर्जेंटीना 2018, जापान 2019, इटली 2021, इंडोनेशिया 2022, भारत 2023) शामिल हैं।

2019 में प्रधानमंत्री मोदी को सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “किंग अब्दुलअज़ीज़ अवार्ड ” से सम्मानित किया गया था जो दोनों देशों के गहरे विश्वास और आपसी सम्मान का प्रतीक है।

आर्थिक सहयोग: तेल से आगे की साझेदारी

सऊदी अरब भारत का पाँचवाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि भारत एशिया में सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा साझेदार है। वित्त वर्ष 2024–25 में दोनों देशों का आपसी व्यापार 41.88 अरब डॉलर रहा। भारत ने लगभग 10.31 अरब डॉलर का निर्यात किया — जिसमें प्रमुख रूप से केमिकल्स, खाद्य उत्पाद, मशीनरी और सिरेमिक्स शामिल हैं — जबकि 30.2 अरब डॉलर का आयात मुख्यतः कच्चा तेल, एलपीजी और खाद उर्वरकों का रहा।

सऊदी अरब के भारत में निवेश 3.2 अरब डॉलर से अधिक पहुँच चुके हैं। प्रमुख निवेशकों में पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF), SABIC, अल फनार, जमील, अरामको, और SALIC शामिल हैं। सितंबर 2023 में हुए पहले भारत–सऊदी निवेश फोरम में 50 से अधिक समझौते (MoU) हस्ताक्षरित हुए।

सऊदी अरब ने भारत की अगुवाई वाले वैश्विक मंचों जैसे इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) और इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) में भी भागीदारी की है।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

वर्ष 2024 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ऐतिहासिक यात्रा के साथ 12 साल बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय रक्षा वार्ता हुई। इस दौरान भारत ने सऊदी अरब को रक्षा गोला-बारूद के निर्यात का समझौता किया।

2025 में संयुक्त नौसेना और थलसेना वार्ता के बाद दो महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास हुए ।भारतीय नौसेना के INS तर्कश और INS सूरत ने इस वर्ष जेद्दा बंदरगाह का दौरा किया, जो समुद्री सुरक्षा सहयोग की दिशा में एक और कदम है।

शिक्षा और प्रवासी समुदाय

सऊदी अरब में लगभग 40 CBSE स्कूल संचालित हैं जिनमें 80,000 भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं। व्यापक रूप से देखा जाए तो जीसीसी क्षेत्र में 1 करोड़ से अधिक भारतीय रह रहे हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

संस्कृति और जन–जन के रिश्ते

भारत और सऊदी अरब के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2018 में भारत को सऊदी अरब के जनाद्रियाह नेशनल हेरिटेज फेस्टिवल में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में आमंत्रित किया गया था।

सऊदी संस्कृति मंत्रालय और भारत के आयुष मंत्रालय के बीच सहयोग से पारंपरिक चिकित्सा और वेलनेस के नए रास्ते खुले हैं। भारतीय कलाकार अब नियमित रूप से रियाद सीजन जैसे प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में भाग ले रहे हैं।

भारत की सिनेमा इंडस्ट्री की मौजूदगी रेड सी फिल्म फेस्टिवल (2024) और सऊदी फिल्म नाइट्स (2025) में विशेष रूप से दिखी।

2025 में सऊदी अरब में कार्यरत भारतीय चिकित्सक डॉ. सैयद अज़हर खुर्शीद को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। धार्मिक स्तर पर भी भारत और सऊदी अरब का जुड़ाव मजबूत है — हर साल लगभग 17.5 लाख भारतीय उमरा करते हैं, जबकि 1,75,025  ने इस वर्ष हज 2025 अदा किया।

भारत–जीसीसी सहयोग

भारत ने अपने रिश्तों को सऊदी अरब से आगे बढ़ाते हुए पूरे गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ सहयोग मजबूत किया है। 2022 में परामर्श समझौता (MoU) हस्ताक्षरित हुआ और सितंबर 2024 में पहली संयुक्त मंत्रीस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, व्यापार और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी है। दिसंबर 2024 तक GCC देशों का भारत में निवेश 28.28 अरब डॉलर से अधिक हो चुका था।रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास भारतीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करते हैं। 

 रियाद दूतावास और जेद्दा वाणिज्य दूतावास 

रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास भारतीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करते हैं। प्रतिदिन लगभग 1,000 पासपोर्ट जारी किए जाते हैं, और 24×7 हेल्पलाइन भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए सक्रिय रहती है।

जैसे-जैसे दोनों देश सऊदी विजन 2030 और भारत के अमृत काल के लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, भारत–सऊदी अरब संबंध एक नई ऊँचाई पर पहुँच चुके हैं। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर सांस्कृतिक साझेदारी, निवेश से लेकर रक्षा सहयोग तक यह संबंध अब एशिया की सबसे गतिशील साझेदारियों में से एक बन चुका है।

यह साझेदारी न सिर्फ विश्वास और अवसर पर आधारित है, बल्कि दोनों देशों के साझा समृद्ध भविष्य की आशा भी बुनती है।


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