किस देश में बढ़ने की जगह घट रही है आबादी

2020 में दक्षिण कोरिया में पहली बार जनसंख्या बढ़ने की जगह घट गई. देश में जितने बच्चे पैदा हो रहे हैं उससे ज्यादा लोग मर रहे हैं और सरकार ने चेतावनी दी है कि गरीब इलाकों में पूरे के पूरे नगर लुप्त हो सकते हैं.

दक्षिण कोरिया दुनिया की बारहवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के साथ साथ सबसे लंबी आयु-संभाविता और सबसे कम जन्म-दर वाले देशों में से है. लेकिन यह मिश्रण देश के लिए एक जनसांख्यिकीय मुसीबत बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है. गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर, 2020 को देश की आबादी 51,82,9023 थी, जो एक साल पहले के मुकाबले 20,838 कम थी.

पिछले कई सालों से देश में सालाना दर्ज होने वाले जन्म के आंकड़े गिर रहे हैं लेकिन मंत्रालय ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब जन्म से ज्यादा मृत्यु के आंकड़े दर्ज किए गए हैं. 2,75,815 बच्चों के जन्म के मुकाबले 3,07,764 लोगों की मृत्यु हो गई. मंत्रालय ने कहा, "ऐसे प्रांत जहां पर्याप्त आर्थिक, स्वास्थ-संबंधी और शिक्षा-संबंधी सुविधाएं नहीं हैं, ऐसे नगरों के लुप्त होने का खतरा बढ़ रहा है."

मंत्रालय ने कहा कि सरकार की नीतियों में "मूलभूत बदलाव" की जरूरत है, विशेष रूप से कल्याण और शिक्षा के क्षेत्रों में. विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण कोरिया जिन हालात में पहुंच गया है उसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे बच्चों को पालने का खर्च और मकानों के किराये में बढ़ोतरी. इसके अलावा देश अपने प्रतिस्पर्धा प्रेम के लिए भी बदनाम है जिसकी वजह से अच्छे वेतन वाली नौकरियां मिलनी मुश्किल हो जाती है.

Jahreswechsel 2020 - 2021 | Silvester, Neujahr | Südkorea, Seoul

दक्षिण कोरिया की राजधानी सीओल में एक क्रिसमस की शाम.

कामकाजी महिलाओं के सामने एक और संकट है. उन्हें अपना करियर संभालने के साथ साथ घर के काम और बच्चों का ख्याल रखने का दोहरा बोझ उठाना पड़ता है. 2006 से अभी तक जन्म दर को ऊपर उठाने के लिए देश ने अब तक 166 अरब डॉलर से भी ज्यादा खर्च कर दिए हैं लेकिन अभी भी पूर्वानुमान यह है कि 2067 में जनसंख्या गिर कर 3.9 करोड़ हो जाएगी और औसत उम्र 62 हो जाएगी.

देश के लोगों के बीच इस घटना को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी गई. एक व्यक्ति ने ट्विटर पर लिखा, "यह स्थिति तब तक ऐसी ही रहेगी जब तक कमाई के दो साधनों वाले सारे परिवार बिना किसी चिंता के अपने बच्चों को पाल ना सकें." लेकिन एक और व्यक्ति ने लिखा कि गिरती जनसंख्या की वजह से देश अपना कार्बन उत्सर्जन घटा सकता है और लोगों के बीच धन-दौलत के अंतर को भी कम कर सकता है.

वैश्विक स्तर पर आबादी के लिहाज से दक्षिण कोरिया 27वें स्थान पर है और उसके पड़ोसी देशों चीन और जापान में भी जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है. 

सीके/एए (एएफपी) COurtesy : DW HINDI 

 

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