इमपार को हर वर्ग और हर क्षेत्र में मिल रही है सराहना और हो रहा है स्वागत
माजिद अली खां : एसोसिएट एडिटर ,एशिया टाइम्स
हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा
इंडियन मुस्लिम प्रोग्रेसिव एंड रिफार्म यानी इमपार के गठन से पूरे देश के मुस्लिम समाज में खुशी और उत्साह देखा जा रहा है. आजादी के बाद से ही देश में मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जाते रहे हैं. धार्मिक, राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र के साथ आर्थिक क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की स्थिति बेहतर बनाने के प्रयास विभिन्न लोगों, संगठनों द्वारा किए गए. लेकिन आज़ादी के सत्तर बरस बाद भी वो परिवर्तन मुस्लिम समुदाय में नहीं आ पाया जिसकी आवश्यकता थी.

काम मुश्किल था लेकिन नामुमकिन नहीं, यही सोचकर बड़ा कदम उठाते हुए कृषि क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले डाक्टर एम जे खान ने मुस्लिम समाज के विभिन्न विचारधाराओं वाले बुद्धिजीवियों, विभिन्न राजनीतिक दलों से संबंध रखने वाले राजनेताओं, विभिन्न समाचार माध्यमों से जुड़े पत्रकारों, विभिन्न न्यायालयों में कार्य कर रहे अधिवक्तागण एवं विभिन्न राज्यों के नौकरशाहों को एक साथ लेकर इंडियन मुस्लिम प्रोग्रेसिव एंड रिफार्म यानी इमपार का गठन किया है.
इमपार के गठन से पूरे भारत में हर वर्ग से सराहनीय प्रतिक्रियाएं एवं स्वागत किया गया है. देश के अलग अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों से बात करने पर ये नतीजा निकला कि लोग एक मुद्दत से ऐसे प्रयासों का इंतजार कर रहे थे.

सहारनपुर में वरिष्ठ शिक्षक फहीम अहमद खां का मानना है कि इमपार का गठन मुस्लिम समुदाय के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा. फहीम खान का ये भी कहना है कि सभी क्षेत्रों से जुड़े महानुभावों के आपसी सहयोग से सही मार्गदर्शन मुसलमानों को मिलेगा.
कोलकाता के रहने वाले और शिक्षण कार्य से जुड़े जांनिसार बख्शी इमपार के गठन से काफी उत्साहित एवं उत्तेजित हैं. बख्शी का कहना है कि परिवर्तन के दौर में मुस्लिम समाज के लिए भी मार्गदर्शन की सख्त आवश्यकता थी जो इमपार के ज़रिए मुमकिन हो सकेगा. जयपुर के वरिष्ठ पत्रकार मुहम्मद हफीज़ तो यहाँ तक कहते हैं कि इमपार के बारे में जानकार तो ऐसा लगा कि जैसे एक बड़े घर में सब इकट्ठे हो गये हैं. और कोई तो है ध्यान रखने वाला. मुहम्मद हफीज़ जोश में कहते हैं कि मैं इमपार के साथ हूँ कदम कदम पर.
गुवाहाटी के पत्रकार दिग्विजय नाथ झा कहते हैं कि मुसलमान समाज को ऐसे कदम की बहुत दिनों से आवश्यकता थी, डाक्टर एम जे खान साहब ने यह बड़ा काम किया है, कम से कम मुसलमान समुदाय आधुनिक विचारों के साथ सही दिशा में आगे बढ़ेगा. मुंबई में रहने वाले व्यापारी मुसर्रत अली कहते हैं कि यह समय की जरूरत थी और मैं सब लोगों को जो भी इसकी स्थापना से जुड़े हैं मुबारकबाद देता हूँ. बॉलीवुड के युवा और कामयाब अभिनेता इनामुलहक का कहना है कि इमपार बहुत दूर तक जाएगा और मुसलमानों को इससे काफी फायदा होगा.

इमपार के चैयरमेन डाक्टर एम जे खान साहब खुद इमपार की आवश्यकता पर कहते हैं कि यह बदलते समय की सख्त जरूरत थी. जब दुनिया में हर क्षेत्र में परिवर्तन हो रहा है तो मुसलमान समाज भी परिवर्तन चाहता था और विकास के रास्ते पर तेज़ी से चलना चाहता है. डाक्टर एम जे खान का कहना है कि हर क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों के अनुभव से मुसलमान समाज देश का महत्वपूर्ण और सशक्त समाज जरूर बन कर रहेगा

Dr. Idrees Qureshi
A good article. Definitely there was need of such organisation, that can present the reality of Muslim community. I hope community will be represented in right direction and our Hindu brothers will try to understand the facts about community. .