कोरोना से रहत की खबर / आईसीएमआर ने कहा- देश में अब तक 1 लाख 30 हजार सैंपल की जांच हुई, इसमें 5-7% ही संक्रमित मिले

नई दिल्ली. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने गुरुवार को बताया कि अब तक देशभर में कुल 1 लाख 30 हजार सैंपल की जांच हुई है। इनमें केवल 5 हजार 37 पॉजिटिव मिले हैं। यह देश के लिए राहत की बात है। पिछले डेढ़ महीने में 5 से 7 प्रतिशत ही कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ये देश की आबादी के लिहाज से ज्यादा नहीं है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया की कोविड-19 से निपटने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से तैयार है। हाई रिस्क वाले 9 राज्यों में 10 उच्च स्तरीय टीमें भेजी गई हैं। ये टीमें महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान के लिए रवाना हो चुकी हैं। 

अग्रवाल ने बताया कि पीपीई और मास्क की कमी बिल्कुल नहीं है। शुरूआत में इसका संकट था, लेकिन अब पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कई घरेलू कंपनियां भी इसे तैयार कर रहीं हैं। जरूरत के अनुसार प्रदेशों में इसे भेजा जा रहा है।  इसको लेकर लोग अफवाहें न फैलाएं। इससे भय का माहौल कायम हो रहा है। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ डरेंगे। ऐसे संकट की घड़ी में उनके हौसले को बढ़ाने की जरूरत है।

डेडिकेटेड अस्पताल बनाने पर फोकस

अग्रवाल ने कोरोना पर गठित मंत्रिमंडल समूह की बैठक की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इसमें देशभर में कोरोनावायरस डेडिकेटेड अस्पताल बनाने पर चर्चा हुई है। इन्हें राज्य सरकारों के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सभी जगहों पर टेस्टिंग को बढ़ाने पर सरकार का फोकस है। इसके लिए देशभर में लैब की संख्या बढ़ाई जाएगी। 

कोरोना पर रेलवे भी तैयार
अग्रवाल ने बताया कि कोरोना से निपटने के लिए रेलवे भी पूरी तरह से मदद कर रहा है। अभी तक रेलवे ने 2,500 डॉक्टर और 35 हजार पैरामेडिक कर्मचारियों को नियुक्त किया है। रेलवे की 586 स्वास्थ्य इकाइयों, 45 सब डिविजन अस्पताल, 56 डिविजनल अस्पताल, 8 प्रोडक्शन यूनिट और 16 जोनल हॉस्पिटल इसके लिए काम कर रहे हैं। रेलवे 80 हजार आइसोलेशन वार्ड और 5 हजार आइसोलेशन यूनिट बना रहा है। इसमें 3 हजार 250 आइसोलेशन यूनिट तैयार कर ली गई हैं।

डॉक्टर्स को दिया जा रहा हाइड्रोक्लोरोक्वीन

अग्रवाल ने बताया कि हाइड्रोक्लोरोक्वीन का पर्याप्त स्टॉक देश में है। अभी इसे केवल पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स या फिर संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों को दिया जा रहा है। हाइपरटेंशन के मरीजों को ये दवा देने में एहतियात बरती जा रही है। अगर ये दवा उन्हें दे दी जाएगी तो उन्हें दिल का दौरा पड़ सकता है। 

राशन की कोई कमी नहीं

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव एस श्रीवास्तव ने बताया कि लॉकडाउन में राशन की कमी नहीं होने दी जाएगी। फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने एनजीओ और चैरिटेबल सोसाइटी के माध्यम से राशन बांटने का काम शुरू किया है। करनाल जिले में 'अडॉप्ट ए फैमिली' कार्यक्रम के तहत विदेशों में रहने वाले भारतीय जरूरतमंद परिवारों की मदद कर रहे हैं। यह अच्छी पहल है। इसके जरिए करीब 13 हजार गरीबों की मदद की जा रही है। 

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