शिवपुरी से एशिया टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट 'दिल्ली के दंगों का सच '
इस रिपोर्ट में जानें तबाही के बाद राहत कार्यों में आप कैसे ले सकते हैं भाग ? स्थनीय लोगों ने ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंची एशिया टाइम्स टीम को अपना दर्द सुनाया।
नई दिल्ली ,शिवपुरी : ( एशिया टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट / अशरफ अली बस्तवी ) दिल्ली दंगों में सबसे से ज़्यादा प्रभावित इलाकों में से एक शिवपुरी में अब रफ्ता रफ्ता ज़िंदगी पटरी पर लौट रही है लेकिन पूरी तौर पर बहाली में अभी काफी वक़्त दरकार है ,यहां दंगाइयों ने चुन चुन कर मुस्लिम घरों में लूट पाट की और गैस सिलेंडरों को बम के तौर पर यूज़ कर कई घरों को उड़ा दिया है ,बड़ी तादाद में यहां के लोग जान बचा कर महफूज़ इलाकों में चले गए हैं गलियां सूनी पड़ी हैं , काफी लोग अभी तक अपने घरों को वापस नहीं लौट सके हैं।

शिवपुरी : एशिया टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट / अशरफ अली बस्तवी

गली नंबर 13 फेज 7 शीपुरी की निवासी नजमा
सलीम शिवपुरी में बेकरी चलाते थे दंगाइयों ने इनकी दूकान और घर दोनों लूट लिया , दूकान में लगभग डेढ़ लाख का माल था दंगाई सब उठा ले गए और घर में घुस कर लाकर तोड़ कर सब ज़ेवर और कैश लेगए। सलीम मुआवजे मिलने की बात पूछने पर कहते हैं कि फॉर्म तो भर कर दे दिया है लेकिन अभी कुछ पता नहीं चल पा रहा है.
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सलीम शिवपुरी में बेकरी चलाते थे
ये रेहाना हैं दंगाइयों ने इनके घर को गैस सिलेंडर से उड़ा दिया है। दो मंज़िला घर पूरी तरह तबाह हो चुका है। ग्राउंड फ्लोर पर एक दूकान और गोदाम था सब अब मलबे में तब्दील हो चुका है। रेहाना बताती हैं की दंगाइयों ने मेरे बूढ़े ससुर को बुरी तरह पीटा जिस में उनका सिर फट गया और पैर टूट गया है.

ये रेहाना हैं दंगाइयों ने इनके घर को गैस सिलेंडर से उड़ा दिया है।

लेकिन इस दरम्यान इत्मीनान की बात यह है की दुःख की इस घड़ी में लोग पीड़ित परिवारों को खौफ से आज़ादी दिलाने ,उम्मीदों का चिराग रौशन करने दंगा प्रभवित इलाकों में पहुंच रहे हैं , इस दरम्यान शिवपुरी में कई सामाजिक संगठन लोगों की मदद के लिए काम करते देखे गए, कुछ मेडिकल कैंप लगा कर उनका इलाज कर रहे हैं , मेडिकल कैंप पर ड्यूटी दे रहे अलशिफा हॉस्पिटल के डाक्टर दाऊद बताते हैं हम यहां 26 फरवरी से काम कर हे हैं अब तक 1000 से अधिक लोगों की मेडिकल हेल्प पहुंचा चुके हैं , लोग डरे हुए हैं जिनकी काउंसिलिंग भी की जा रही है।

अलशिफा हॉस्पिटल के डाक्टर दाऊद

सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर के वालंटियर राहत सामग्री पहुंचते हुए
कुछ संगठन नुकसान का जयजा लेकर उनकी आर्थिक मदद की कोशिश करते नज़र आये। शिवपुरी दौरे पर हमारी मुलाक़ात SBF के एक उच्चस्तरीय डेलिगेशन से हुई जो यहां हुए नुकसान का जायज़ा लेने पहुंचा था। यह संस्था आपात स्थिति में राहत और बचाव का काम करती है और लोगों को मदद पहुंचाती है , सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर (SBF) के चेयरमैन नुसरत अली ने मौके पर मौजूद मीडिया को बताया। " हमने पहले दिन ही काम शुरू कर दिया था पहले लोगों को बचाने की कोशिश की गई , दंगा ग्रस्त इलाकों से लोगों को निकाल कर महफूज़ स्थानों पर पहुंचाया 1300 ज़ख़्मी लोगों 10 मेडिकल कैंप लगा कर इलाज किया गया है ,गंभीर रूप से घायल 30 लोगों को हॉस्पिटल पहुंचाया ,13 सीरियस घायलों का इलाज अल शिफा हॉस्पिटल में चल रहा है.

सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर (SBF) के चेयरमैन नुसरत अली
उन्हों ने बताया कि 2000 फ़ूड पैकेट पजुंचाये गए हैं , ईदगाह कैंप में 1500 लोगों को कपड़े , बिस्तर , गद्दे, लिहाफ और दूसरी ज़रूरी चीजें मुहैय्या कराई गई हैं ,इसके इलावा SBF की एक टीम गरीब और कमज़ोर लोगों के घरों पर जा कर उनका हाल पूछ रही है , खास तौर हमारी महिला विंग यहां की महिलाओं की काउंसिलिंग कर रही हैं उनको दिलासा दिला रही हैं। साथ साथ लीगल हेल्प का काम भी हम ने शुरू कर दिया है , लोगों की FIR दर्ज करा रहे हैं , सरकार की और से एलान किये गए मुआवजे को दिलाने की भी कोशिश की जा रही है , लोगों के फार्म भरवाए जा रहे हैं। इसके इलावा हम ने सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है। यह काम मुकम्मल होते ही आगे हमारे करने का काम है की लोगों के तबाह मकानों की मरम्मत हो और हर प्रकार की कानूनी दुश्वारियों को दूर किया जाये। जिन लोगों ने जुल्म किया है उनको सजा दिलाई जाये ,सरकार अपना दायित्व निभाए और ज़ालिमों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाये।

सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर के नेशनल को ऑर्डिनेटर इरफ़ान अहमद
हम ने यहां सामाजिक संगठनों के वालंटियर्स को घर घर राहत सामग्री पहुंचाते देखा , सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर के नेशनल को ऑर्डिनेटर इरफ़ान अहमद बताते हैं " अन्य संगठनों की मदद से हम ने 26 फरवरी से ही काम शुरू कर दिया था। हम ने मुस्तफाबाद के इलाकों चाँद बाग़ ,चमन पार्क , खजूरी खास से काम शुरू किया फिर धीरे धीरे ब्रिजपुरी ,गोकुलपूरी और शिवपुरी पहुंचे , शिवपुरी से लोग निकल कर दुसरे इलाकों में पनाह लिए हुए हैं ,यहां 4 फेज को पूरी तरह जला दिया है। अबतक हम 15 से 17 हजारर लोगों तक पहुंचा चुके हैं। हमारे 50 वालंटियर दिन रात काम कर रहे हैं। हमने मुस्तफाबाद में वक्फ बोर्ड की जगह पर एक कैंप लगाया है। हमारी कोशिश होगी कि तबाह किये गए घरों की मरम्मत हो जाये।
प्रिय पाठकों , आज बस इतना ही फिर हाज़िर होंगे दंगों की एक और ग्राउंड रिपोर्ट के साथ , शुक्रिया
Video Report

Zahid H Khan
Initiatives of Asia Times are very praise-worthy. May the Almighty reward you with His blessings..