ग्रेटर शारदा के अध्यक्ष एवं प्रशासक डॉ. हीरा लाल ने जनपद हमीरपुर में समीक्षा बैठक और स्थलीय निरीक्षण किया
हमीरपुर: ग्रेटर शारदा के अध्यक्ष एवं प्रशासक डॉ. हीरा लाल ने 20 जनवरी 2025 को जनपद हमीरपुर में समीक्षा बैठक और स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए, जिन्होंने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मुख्य नहर कबरई पंप 0 से 53 किलोमीटर तक पानी चल रहा है। हमीरपुर-1 इकाई के 6 कुलावों और हमीरपुर राठ इकाई के 3 कुलावों में भी पानी पहुंचना शुरू हो चुका है। हालांकि, मुख्य नहर से निकलने वाली 10 माइनरों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। लगभग 30 किलोमीटर लंबी इन माइनरों में न तो कुलावा सही ढंग से लगा है और न ही उनमें पानी प्रवाहित हो रहा है। मौके पर निरीक्षण में माइनरों की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई, जिससे प्रशासक ने कड़ी नाराजगी जताई।
डॉ. हीरा लाल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी 10 माइनरों को सुचारु रूप से चालू कर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलें पानी के अभाव में प्रभावित हो रही हैं, जिसे जल्द से जल्द ठीक किया जाना आवश्यक है।
इसके अलावा, प्रशासक ने हमीरपुर-1 के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां कार्यालय की सफाई व्यवस्था व रख-रखाव को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने निष्प्रयोज्य सामग्रियों की जल्द से जल्द नीलामी कराने के आदेश दिए ताकि कार्यालय में कार्यकुशलता बनी रहे।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत समेकित वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम (IWMP) फेज-2 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। भूमि संरक्षण अधिकारी के कार्यालय निरीक्षण में वित्तीय स्थिति चिंताजनक पाई गई। प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शीघ्रता से कार्य पूर्ण कर बजट का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
आगामी वाटरशेड यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कई खामियां उजागर हुईं, जिन्हें दूर करने के सख्त निर्देश दिए गए। डॉ. हीरा लाल ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित अधिकारी जिम्मेदारी से कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ किसानों को समय पर मिल सके।

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