भागवत ने कहा- जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार कदम उठाए, इसे लेकर संघ देशभर में आंदोलन करेगा

संघ के एजेंडे को लेकर मुरादाबाद में 5 दिवसीय कार्यक्रम चल रहा है। इसमें भागवत ने कहा, ‘‘सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे जनसंख्या पर लगाम लग सके।’’ देशभर में नागरिकता संशोधन कानून पर जारी प्रदर्शन पर संघ प्रमुख ने कहा- यह देश के हित में है, मगर कुछ लोग इसे लेकर विरोध कर रहे थे।

मुरादाबाद: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार शाम मुरादाबाद में कहा कि संघ का अगला एजेंडा जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर देशभर में आंदोलन करना है। हम हमेशा से दो बच्चों के समर्थन में रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है। 

इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने कहा, ‘‘मोहन भागवत जी दो बच्चों को लेकर कानून लाना चाहते हैं। शायद वे नहीं जानते कि महाराष्ट्र में इससे संबंधित कई कानून पहले से हैं। ऐसा ही कुछ और राज्यों में भी है। फिर भी यदि वे जबर्दस्ती पुरुष नसबंदी करवाना चाहते हैं तो मोदीजी को कानून बनाने दीजिए। हमने देखा है कि अतीत में भी ऐसा करने पर क्या हुआ है।

Video  देखें : आबादी अभिशाप या वरदान भारत  बर्लिन से सबक ले:एशिया टाइम्स 

सरकार को जनसंख्या नियंत्रण के लिए कदम उठाना चाहिए- भागवत 

संघ के एजेंडे को लेकर मुरादाबाद में 5 दिवसीय कार्यक्रम चल रहा है। इसमें भागवत ने कहा, ‘‘सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे जनसंख्या पर लगाम लग सके।’’ देशभर में नागरिकता संशोधन कानून पर जारी प्रदर्शन पर संघ प्रमुख ने कहा- यह देश के हित में है, मगर कुछ लोग इसे लेकर विरोध कर रहे थे। 

‘‘अनुच्छेद 370 हटाने के बाद देशभर में उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल था। इसके बाद नागरिकता कानून आया और फिर प्रदर्शन शुरू हो गए। जिन लोगों को इसे लेकर थोड़ा भी संशय है तो उन्हें इसकी हकीकत से अवगत कराया जाना चाहिए। यह हर किसी की जिम्मेदारी है। लोगों के दिमाग में जो भ्रम है, उसे दूर किया जाना चाहिए। इस मामले में कदम पीछे लेने का सवाल ही नहीं उठता।’’

‘ट्रस्ट बनते ही संघ राम मंदिर मामले से अलग हो जाएगा’
अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद संघ की भूमिका पर भागवत ने कहा- मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट के गठन के बाद संघ का काम खत्म हो जाएगा। इसके बाद संघ राम मंदिर मामले से अलग हो जाएगा। काशी-मथुरा कभी भी संघ के एजेंडे में नहीं रहे और न भविष्य में होंगे। 

यह बहन है 132 करोड़ भारतीयों की मज़बूत आवाज़

0 comments

Leave a Reply