सरकार अभिभावकों को कुछ राहत दे,
गजनफर इकबाल : मुजफ्फरपुर
कोरोना काल की वजह से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई है,लगातार दूसरा सत्र भी बगै़र स्कूली शिक्षा के आरंभ होता दिख रहा है,वैकल्पिक वयवस्था करते हुए कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों में वीडियो प्रोडक्शन और इंटरनेट सौफ्टवेयर के माध्यम से बच्चों को पढाया जा रहा है,जो उतनी प्रभावी नही है.
,साथ ही इंटरनेट और मोबाइल का खर्चा भी है,उच्च शिक्षा में यह जयादा प्रभावी है जबकि छोटे बच्चों के लिये कौंटैकट कलास ही उपर्युक्त है,बहरहाल अभीवावको पर स्कूल फीस जमा कराने को लेकर स्कूल प्रबंधन दवारा दबाव बनाया जाता है,इस महामारी और कोरोनाकाल ने सबकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है.
इसलिए यह बेहतर होता के सरकार अभिभावकों को राहत देने की नीयत से कुछ कानून बनाती,टयूशन फीस के अलावा बाकी चार्ज जैसे बिजली बिल,डेवलपमेंट चार्ज ,समा्रट कलास चार्ज ,लाइब्रेरी चार्ज,टरासपोरटेशन चार्ज इत्यादि बिल में छूट मिलनी चाहिए .
सरकार दिशा निर्देश तैयार करे ताकि इस आर्थिक और कोरोना संकट में अभिभावक और बच्चे जयादा दबाव में न आने पाये और उनकी शिक्षा में कोई रूकावट न आ सके,सरकार की गाइडलाइन में स्कूलों के बुनियादी खर्चों का भी खयाल रखा जाये ताकि स्कूल अपना वित्तिय प्रबंधन करते हुए स्कूल का संचालन कर सके.

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