पत्रकार विनोद दुआ पर मुक़दमा : अब बारी मीडियाकर्मियों और मानवाधिकार से जुड़ी शख्सियतों की

सामाजिक कार्यकर्ताओं और सीएए विरोधी एक्टिविस्टों के बाद अब बारी मीडियाकर्मियों और मानवाधिकार से जुड़ी शख्सियतों की है

नई दिल्ली : सामाजिक कार्यकर्ताओं और सीएए विरोधी एक्टिविस्टों के बाद अब बारी मीडियाकर्मियों और मानवाधिकार से जुड़ी शख्सियतों की है।दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ बीजेपी प्रवक्ता नवीन कुमार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज किया है।


 जिसमें ’’ कुमार ने दुआ पर दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान ‘‘गलत रिपोर्टिंग’’ करने के आरोप भी लगाए। कहा कि दुआ ने कहा था, ‘‘केंद्र सरकार ने हिंसा को रोकने के लिए कुछ नहीं किया।’’ कुमार ने यह भी आरोप लगाए कि दुआ ने प्रधानमंत्री को ‘‘कागजी शेर’’ बताया था। 


शिकायत दुआ के एक यूट्यूब शो जिसे ‘द विनोद दुआ शो’ के तौर पर जाना जाता है, को लेकर है। इसमें उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने को लेकर बात की है। 


एफआईआर में नवीन कुमार ने दुआ पर दिल्ली दंगों की गलत तरीके से रिपोर्टिंग करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उनका कहना है कि सीएए के खिलाफ आंदोलन की भी गलत रिपोर्टिंग की। उन्होंने कहा कि दंगों के लिए उन्होंने पीएम, गृहमंत्री और कपिल मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया ।


 ’’ कुमार ने दुआ पर दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान ‘‘गलत रिपोर्टिंग’’ करने के आरोप भी लगाए। 


उन्होंने कहा कि दुआ ने कहा था, ‘‘केंद्र सरकार ने हिंसा को रोकने के लिए कुछ नहीं किया।’’ कुमार ने यह भी आरोप लगाए कि दुआ ने प्रधानमंत्री को ‘‘कागजी शेर’’ बताया था। पुलिस ने कहा कि भादंसं की धारा 290, 505 और 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दुआ ने मीडिया से  कहा, ‘‘पुलिस ने अभी तक मुझसे संपर्क नहीं किया है। इस समय मैं इस पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकता।

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