शिक्षित युवा हैं देश की बुनियाद-हमें भी सामाजिक और आर्थिक तौर पर मददगार बनना होगा -कौमी असातिज़ह तंज़ीम

गजनफर इकबाल की रिपोर्ट 

मुजफ्फरपुर:आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री भारत रत्न अबुल कलाम आजाद के जयंती व राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन शहर के आबेदा हाई स्कूल में किया गया,सेमिनार का आयोजन आजाद हौल में क़ौमी आसातिज़ह तनज़ीम दवारा किया गया जिसकी अध्यक्षता तंज़ीम के परदेश अधयक्ष ताजुल आरफीन ने की.

इस मौके पर तंजीम का सथापना दिवस भी मनाया गया जिसमें कवि-गोष्ठी और सम्मान समारोह का भी आयोजन हुआ,सेमीनार का संचालन मोहम्मद ताजुददीन और डाक्टर मंसूर आलम ने किया,मुख्य अतिथि मोहम्मद इरशादुललाह (चेयरमैन सुन्नी वकफ बोर्ड ) ने मौलाना आजाद साहब की जीवनी पर परकाश डाला,आजादी की लडाई में उनकी भुमिका और तालीम के अहमियत का उनकी सोंच को लोगों से अवगत कराया ,कहा कि देश की बुनियाद युवा से है और युवा की बुनियाद उसकी तालीम से है,इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अबदुससलाम अंसारी भी मुखय रूप से उपस्थित थे,उनहोंने राज्य में उर्दू को और भी बढावा देने की बात कही,सरकारी विभागों और संस्थानों में उर्दू की उपयोगिता को प्राथमिकता देने की बात कही,इस अवसर पर मुख्य वक्ता डाक्टर प्रोफेसर अबुजर कमालुद्दीन साहब ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा की अल्पसंख्यकों पर उनकी खास तवज्जो रहती है .

किसी तरह का भेद भाव भी नही किया जाता है,उर्दू शिक्षको और कर्मचारियों की बहाली को लेकर भी नीतीश कुमार की तारीफ कीमंच का संचालन करते हुए कौमी असातिजह तंजीम के संयोजक मोहम्मद ताजुददीन ने बी़पीएससी के हालिया बैच(64वीं ,65वीं) में कामयाब हुए लडकियों की प्रशंसा की और उनको मुबारकबाद देकर सम्मानित किया ,कहा कि सदफ आलम और रोकयया ने क्रमश: एस.डी.एम  और पंचायती राज अफसर का दर्जा हासिल कर लडकियों और अकलियतों के लिये प्रेरणा का सबब बन गई हैं ,ताजुददीन ने लडकियों की शिक्षा को लेकर अपने अपने अभिभावकों से खासी तवज्जो देने की अपील की है,उनहोंने यह भी कहा की हम हर अवसर पर एक दूसरे की मदद् करें और अपनी अपनी जिम्मेदारी लेते हुए अकलियतों,पिछड़ों ,कमज़ोर लोगों की मदद कर मुलक की तरक्की में भागिदारी सुनिश्चित करें .

उनहोंने यह भी कहा के महज सरकारी मदद् से ही सबकुछ हासिल करने की अपनी सोंच को बदलनी होगी,हमें भी सामाजिक और आर्थिक तौर पर मदद की पहल करनी होगी ,इस मौके पर मौलाना जकी अनवर ने स्थानीय पत्रकारों और संवाददाताओं की प्रशंसा की और इस इस तरह के कौमी कार्यक्रमों को प्राथमिकता से कवर करने की उनकी सोंच की सराहना की,अंत में मंच पर मौजूद वक्ताओं और श्रोताओं को  धन्यवाद देते हुए सेमिनार का समापन शमसाद आलम साहिल ने किया,उनहोंने तंजीम की ऐसी पहल,मेहनत और बहुत ही कम वक्त में इतना लोकप्रिय और मजबूत नेटवर्क की भी प्रशंसा की,उनहोंने तंजीम पर लगातार बढ रहे लोगों के भरोसे की भी सराहना की,इस मौके पर अल्तमश दाउदी ,प्रोफेसर मोतीउररहमान,सैयद माजिद हुसैन ,जकी अनवर ,मोहम्मद फैसल,गौरीशंकर प्रसाद ,रजी अहमद ,नसीम अखतर ,नाजिर असरार आरफी आदि गणमान्य लोग मौजूद थे,

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