बदमाशों से मज़ार संचालक की हिफ़ाज़त करने वाले एसएचओ सीपी भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने किया सस्पेंड

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान और उनके बेटे को एक जालसाजी मामले में निचली अदालत के बयान दर्ज करने के बाद जमानत पर रिहा किया जा सकता है।

 यह बयान चार हफ़्तों में दर्ज किया जाना है। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 26 नवंबर 2020 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत दे दी। इलाहबाद हाई कोर्ट ने गवाह से छेड़छाड़ की आशंका पर उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।

 

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