डीएम ने किया सीएचसी सेमरियावां का औचक निरीक्षणमिली खामियां, तीन सदस्यीय कमेटी गठित, एक का वेतन कटा

 

रिपोर्ट- मु. परवेज़ अख्तर

 
सेमरियावां(संतकबीरनगर)।बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने सेमरियावां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया।जिलाधिकारी दिव्या मित्तल बृहस्पतिवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे सेमरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान चीफ फार्मासिस्ट राम सजीवन अनुपस्थित मिले।

महिला डाक्टर चेतन एक घंटे देर से पहुंचीं। सीएचसी पर आने वाले ऐसे मरीज जिनमें बुखार, खांसी के लक्षण उनका अलग से कोविड डेस्क न होने से नाराज जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने अधीक्षक डा. जगदीश पटेल को निर्देशित किया कि बुखार, खांसी के लिये अलग से एक काउंटर खोलने तथा कोरोना जांच के लिए एंटीजन जांच की व्यवस्था किये जाने को कहा।

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने दवाओं के रजिस्टर का बारीकी से जायज़ा लिया। इस दौरान यह बात सामने आयी कि इकोस्प्रिन तथा इसाइटोप्राम की टेबलेट एक दिन में 1800 तथा ट्राईहेक्सी फेनाड्रिल की एक दिन में 1000 टेबलेट स्टाक से निकाले गये हैं। परन्तु इन दवाओं का पेशेंट रजिस्टर से कोई मरीज इन दवाओं से उपचार नहीं पाये जाने पर डीएम नाराज दिखीं।

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने पूरे मामले की जांच के लिये एसडीएम सदर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दो दिन में जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

साथ ही चीफ फार्मासिस्ट राम सजीवन का एक दिन का वेतन काटने का सीएमओ को निर्देश दिया है। तथा विलम्ब से अस्पताल पहुंचने पर महिला डाक्टर चेतन को चेतावनी जारी की गई है। अचानक डीएम के निरीक्षण से सीएचसी में हड़कंप मच गया।

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