गाजा में हमास और डोगमूश कबीले के लड़ाकों में झड़प:हमास लीडर के बेटे समेत 64 की मौत; फिलिस्तीनी पत्रकार की गोली मारकर हत्या

गाजा सिटी में रविवार को हमास और डोगमूश कबीले के बीच हुई झड़प में 64 लोग मारे गए हैं। इनमें 52 डोगमूश और 12 हमास लड़ाके शामिल हैं। हमास के टेलीविजन चैनल के मुताबिक हमास के सीनियर अधिकारी बासेम नैम का बेटा भी झड़प में मारा गया।

झड़प में एक फिलिस्तीनी पत्रकार की भी गोली लगने से मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हिंसा उस समय भड़की जब हमास के लड़ाकों ने सब्रा इलाके में कबीले के ठिकानों पर हमला किया। डोगमूश कबीले ने आरोप लगाया कि हमास ने सीजफायर का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बनाया।

हमास ने चेतावनी दी है कि जो मिलिशिया मेंबर और अपराधी खूनखराबे में शामिल नहीं हैं, वे अगले रविवार तक आत्मसमर्पण कर सकते हैं, अन्यथा उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि गोलीबारी से लोग डरकर भाग रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया, "इस बार लोग इजराइली हमलों से नहीं, बल्कि अपने ही लोगों से भाग रहे थे।"
स्थानीय लोगों ने बताया कि गोलीबारी से लोग डरकर भाग रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया, "इस बार लोग इजराइली हमलों से नहीं, बल्कि अपने ही लोगों से भाग रहे थे।"

हमास ने 2024 में डोगमूश लीडर की हत्या की थी

डोगमूश नाम की उत्पत्ति तुर्किश मूल की बताई जाती है। इसका मतलब होता है- तुर्किये में जन्मा हुआ। कहा जाता है कि डोगमूश कबीला 20वीं सदी की शुरुआत में पलायन कर गाजा पहुंचा था। यह कबीला गाजा सिटी के साब्रा और तेल अल-हवा में बसा हुआ है। डोगमूश गाजा के बड़े घरानों में गिना जाता है।

डोगमूश पर अलकायदा के करीबी होने का आरोप लगता है। इस कबीले पर ब्रिटिश पत्रकार एलन जॉनस्टन और इजराइली कैदी गिलाश शालिद के अपहरण में शामिल होने का आरोप है। गाजा में सत्ता हासिल करने को लेकर डोमगूश और हमास के बीच कई बार संघर्ष हो चुका है।

2008 में हमास ने डोगमूश के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें कई लोग मारे गए थे। 2024 में हमास ने सालेह डोगमूश को मार दिया था। हमास ने आरोप लगाया था कि सालेह गाजा पहुंचने वाली राहत सामग्री को कब्जा कर महंगे दामों पर बेच रहा था।

गाजा जंग में 270 से ज्यादा पत्रकारों की मौत

गाजा सिटी में हमास और डोगमूश कबीले के बीच हुई झड़प के दौरान एक फिलिस्तीनी पत्रकार सालेह अलजफरावी (28) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अलजफरावी संघर्ष की कवरेज कर रहे थे। गोली लगने के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव (प्रेस लिखी जैकेट पहने) एक ट्रक के पीछे पड़ा मिला।

हमास के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि झड़प में शामिल डोगमूश गुट इजराइल से जुड़ा सशस्त्र संगठन है। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इस गिरोह ने उन लोगों पर भी हमला किया जो दक्षिण गाजा से लौट रहे थे।

अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 270 से ज्यादा पत्रकार गाजा में मारे जा चुके हैं।

अलजफरावी अपने युद्ध कवरेज के वीडियो और रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कुछ समय पहले बताया था कि उन्हें इजराइल की ओर से धमकियां मिल रही थीं और वे लगातार डर में जी रहे थे।
अलजफरावी अपने युद्ध कवरेज के वीडियो और रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कुछ समय पहले बताया था कि उन्हें इजराइल की ओर से धमकियां मिल रही थीं और वे लगातार डर में जी रहे थे।

इजराइल से समझौते के बीच हिंसा हुई

हमास और डोगमूश लड़ाकों में हिंसा, इजराइल से पीस समझौते के बीच हुई है। डोगमूश कबीले को अल डोगमूश मिलिशिया के नाम से भी जाना जाता है।

इस कबीले के एक सदस्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

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बच्चे चिल्ला रहे हैं और मर रहे हैं, हमारे घर जल रहे हैं। हम फंसे हुए हैं। मुझे नहीं पता वे सभी हथियारों के साथ कैसे अंदर आए। यहा बड़ी हत्या हो रही है। 

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कबीले के एक सीनियर सदस्य ने मुसलमानों से मुसलमानों का खून नहीं बहाने की अपील की।

दूसरी तरफ हमास आज दोपहर तक 20 इजराइली बंधकों को रेड क्रॉस को सुपुर्द करेगा। बंधकों को छह से आठ वाहनों में रेड क्रॉस की निगरानी में इजराइल की सेना के हवाले किया जाएगा और फिर उन्हें दक्षिण इजराइल ले जाया जाएगा।

 

 

 

courtesy:www.bhaskar.com

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