बिहार चुनाव: बिहार के मुसलमान क्या चाहते हैं, राजनीतिक दलों को गंभीरता से विचार करना चाहिए

नयी दिल्ली: भारत और दुनिया के विभिन्न कोने में रहने वाले पढ़े लिखे शिक्षित भारतीयों की निगरानी में काम करने वाली इंडियन मुस्लिमस फॉर प्रोग्रेस एंड रिफॉर्म्स जो भारतीय मुसलमानों की छवि को सुधारने और मुसलमानों के बीच सामाजिक सुधार लाने मुस्लिम महिलाओं और युवाओं के साथ बातचीत करके उनको सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है, उसकी कोशिश है कि समाज और राष्ट्र के हितों को एक साथ रख कर के समाज और राष्ट्र दोनों को सशक्त बनाने का सफल प्रयास ज़रूरी है. 

इम्पार ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों के समक्ष अपनी चिंताओं को प्रकट किया है. इम्पार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नई सरकार को चुनने के लिए राज्य में चुनाव हो रहे हैं. इम्पार ने अपनी चिंताओं को प्रकट करते हुए कहा है कि सभी राजनीतिक दलों को शिक्षा समाज और राजनीतिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में मुसलमानों की चिंताओं को समझना चाहिए और मुसलमानों को सशक्तिकरण बनाने और उनको मेंस्ट्रीम में लाने के लिए उनकी चिंताओं को  गंभीरता से लेना चाहिए. 

इस दिशा में इम्पार ने कुछ सुझाव पेश किए हैं. इम्पार ने कहा है कि मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में शैक्षिक बुनियादी ढांचे का निर्माण कर के मुसलमानों के लिए आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक उनकी पहुंच को आसान बनाना अत्यंत अनिवार्य है. अपनी प्रेस विज्ञप्ति में इम्पार ने आगे कहा है कि नए आईटीआई, कौशल शिक्षण केंद्रों की स्थापना करना और मौजूदा आईटीआई को उन पाठ्यक्रमों के लिए अपग्रेड करना जो रोजगार के मापदंडों के आधार पर हों अत्यंत अनिवार्य है. इम्पार ने कहा है कि दो लाख नए और मौजूदा उद्यमियों को आसान लोन और सब्सिडी देकर उनको बनाने में सहयोग करना ज़रूरी है ताकि वह टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग के क्षेत्र में आगे आकर नए रोजगार पैदा कर सकें.

पलायन के मुद्दे पर इम्पार ने अपनी चिंताओं को प्रकट करते हुए कहा है कि आर्टिजन को मार्केट और टेक्नोलॉजी (प्रौद्योगिकी) व कॉमन फैसिलिटी के साथ जोड़ करके लोगों तक उनकी पहुंच को आसान बनाना है, ताकि स्थानीय आजीविका का निर्माण हो सके और पलायन को रोका जा सके. इम्पार ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार करके सभी को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कराने और योग्य डाक्टरों अच्छी बुनियादी सुविधाओं पर्याप्त चिकित्सा कर्मियों और पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित कराने पर बल दिया है. इम्पार ने मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की है. 

बड़े पैमाने पर आबादी वाले मुस्लिम छेत्रों में मुस्लिम उम्मीदवारों के लिए उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर बल दिया है. इम्पार ने अपनी रिलीज में आगे कहा है कि इम्पार को उम्मीद आशा है कि राजनीतिक दल अपने कार्य एजेंडे में उपरोक्त बिंदुओं को शामिल करेंगे और नई सरकार बनने के बाद उन्हें निश्चित तौर पर लागू करेंगे. इम्पार ने कहा है कि जब तक समाज के कमजोर शोषित पीड़ित वंचित और दबे कुचले लोगों को आगे नहीं लाया जाएगा तब तक एक सशक्त और खुशहाल राष्ट्र बनाने का सपना साकार नहीं हो सकता है.

 

 

0 comments

Leave a Reply