बदरुद्दीन अजमल ने कहा, चुनाव आयोग ने भाजपा के प्रभाव में
नई दिल्ली | ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख और लोकसभा सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने बुधवार को असम में विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन पर चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा प्रकाशित मसौदा प्रस्ताव की आलोचना की है.
नए परिसीमन पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि, परिसीमन के कारण अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कम से कम 10-12 सीटों का फायदा होगा, जबकि एआईयूडीएफ के कई नेताओं का अगला चुनाव हारना तय है.

परिसीमन पर कांग्रेस की ख़ामोशी को मौलाना बदरुद्दीन ने भाजपा और कांग्रेस का गुप्त समझौता बी बताया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस का असम में हिमंत बिस्वा सरमा के साथ एक ‘गुप्त’ गठजोड़ है.
इंडिया टुमारो की रिपोर्ट के अनुसार मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने आरोप लगाया कि, भाजपा और कांग्रेस ने असम में एआईयूडीएफ को खत्म करने की योजना बनाई है जिसके तहत परिसीमन को लेकर मसौदा तैयार किया गया है.
उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को मसौदा दिखाया और वह इस पर सहमत हो गई. कांग्रेस अक्सर हमें भाजपा की बी टीम कहती है, लेकिन वास्तव में कांग्रेस राज्य में भाजपा की ए प्लस टीम है.

बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि, आयोग ने भाजपा के प्रभाव में आकर ड्राफ्ट तैयार किया था. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लंबी बैठक हुई थी. उसके बाद प्रस्ताव भेजा गया और चुनाव आयोग ने उसी गाइडलाइन पर मसौदा तैयार किया.
उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं ने पहले परिसीमन के मसौदे को मंजूरी दी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने इसे प्रकाशित किया.
एआईयूडीएफ प्रमुख ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस का असम में हिमंत बिस्वा सरमा के साथ एक ‘गुप्त’ गठजोड़ है. उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को मसौदा दिखाया और वह इस पर सहमत हो गई. कांग्रेस अक्सर हमें भाजपा की बी टीम कहती है, लेकिन वास्तव में कांग्रेस राज्य में भाजपा की ए प्लस टीम है.
न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस एक अनुसार, मंगलवार को प्रकाशित मसौदा प्रस्ताव में ईसीआई ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 170 और अनुच्छेद 82 के तहत प्रदान की गई 2001 की जनगणना के आधार पर राज्य के सभी विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों का परिसीमन किया जाना है.
चुनाव आयोग ने कहा कि, 2001 की जनगणना के आंकड़े, जैसा कि जनगणना आयुक्त द्वारा प्रकाशित किया गया है. विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों में सीटों की संख्या क्रमश: 126 और 14 पर बरकरार रखी गई है.

न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, मसौदा प्रस्ताव में विधानसभा की 19 सीटें अनुसूचित जनजातियों (एसटी) को आवंटित की गई हैं, तीन सीटों की वृद्धि हुई है, जबकि 14 संसदीय सीटों में से दो सीटें एसटी को आवंटित की गई हैं. इसी तरह, विधानसभा में नौ सीटें अनुसूचित जाति (एससी) को आवंटित की जाती हैं, जबकि लोकसभा में एक सीट अनुसूचित जाति को आवंटित की जाती है.
अजमल ने कहा कि, परिसीमन के कारण अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कम से कम 10-12 सीटों का लाभ होगा, जबकि एआईयूडीएफ के कई नेताओं का अगला चुनाव हारना तय है.

अजमल, परिसीमन के मुद्दे पर एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग से मिलने दिल्ली जाएंगे. उन्होंने प्रेस को बताया, हम परिसीमन के मसौदा प्रस्ताव का विरोध करेंगे. इससे पहले एआईयूडीएफ विधायक करीम उद्दीन बरभुइया ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग भाजपा के शासन में ‘पिंजरे में बंद तोते’ की तरह है.
मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि, भाजपा और कांग्रेस ने असम में एआईयूडीएफ को खत्म करने की योजना बनाई है. इस बीच, विपक्षी एकता वार्ता के लिए नीतीश कुमार और लालू प्रसाद से मिलने के लिए एआईयूडीएफ प्रमुख गुरुवार को पटना जाएंगे.

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