रुट प्लान को अनदेखी कर मनमानी कर रहे औटो चालक, प्रशासन ने दी कड़ी चेतावनी
मुजफ्फरपुर : जाम की समस्या और औटो चालकों के मनमाने रवैए को देखते हुए जिला प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद रुट प्लान तैयार किया है, इसके लिए नगर आयुक्त, एसडीओ पूर्वी और ट्रैफिक डीएसपी ने सभी पहलुओं पर विचार विमर्श तथा सर्वे कराकर अंतिम निर्णय के लिए जिलाधिकारी को स्वीकृति के लिए भेजा था जिसे 20 दिसंबर से ही लागू कर दिया गया है, प्रशासन ने 31 दिसंबर तक के लिए इसे ट्रायल पर रखा था जिसे एक जनवरी से अनिवार्य रूप से लागू करना था,सख्त हिदायत, काउंसलिंग और दिशा निर्देश के बावजूद भी औटो चालकों और ई-रिक्शा चालकों ने निर्धारित रुट का न तो अनुपालन किया और न ही पार्किंग और ड्रौप व पिक पयांट का ख्याल रखा,
जिससे शुक्रवार को शहर में जगह-जगह जाम की समस्या बनी रही, फ्लाईओवर और विभिन्न चौक-चौराहों पर बेतरतीब ढंग से औटो और ई-रिक्शा खड़े हुए पाये गये, जबकि जिला प्रशासन हफ्तों से औटो रिक्शा चालकों और औटो संघ से जुड़े लोगों की काउंसलिंग कर रहा था, नयी ट्रैफिक व्यवस्था के लागू करने के संबंध में जानकारी और दिशानिर्देश दिए जा रहे थे अख़बार और विभिन्न डिजिटल मीडिया के माध्यमों से बार-बार जानकारी दी जा रही थी,कयी बार तो खुद जिलाधिकारी श्री सुब्रत सेन ने प्रेस कांफ्रेंस किया है और ब्रीफिंग की है, बावजूद इसके औटो और ई-रिक्शा चालकों ने अनुपालन नहीं किया,शहर में कुल 4700 औटो हैं जिसके लिए तीन अलग-अलग ज़ोन में बांटकर कुल 22 रुट तये किए गए हैं तथा सभी औटो में कलर कोड और रुट कोड पेंट करा दिए गए हैं, केवल महिला औटो चालकों के लिए अभी ज़ोन और रुट का निर्धारण नहीं हो पाया है,शहर में करीब 40 महिला औटो चालक व ई-रिक्शा हैं,औटो चालकों और ई-रिक्शा चालकों के कल के मनमाने रवैए को देखते हुए जिला प्रशासन ने करा रुख़ अपनाया है,
जुर्माना और चालान काटने की बात कही है, औटो संघ के महासचिव मोहम्मद इलियास उर्फ इलु ने भी कहा है कि यदि प्रशासन के दिशा निर्देश का पालन नहीं किया गया तो संघ भी साथ नहीं देगा और स्वयं परेशानी में बने रहेंगे, गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर का चयन स्मार्ट सिटी में हो चुका है और इसके लिए लगातार विकास कार्यों का काम जारी है तथा इसी करी में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना है

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