जेल से निकलते ही आसिफ़ इक़बाल तन्हा बोले “सीएए के ख़िलाफ़ जंग जारी रहेगी”
नताशा नरवाल ने बताया कि ऐन रिहाई के वक्त भी पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पुलिस पूरी जेल को बंद कर दिया था
नई दिल्ली : आसिफ़ इक़बाल तन्हा, नताशा नरवाल और देवांगना कलिता आख़िरकार गुरुवार को जेल से रिहा हो गए।
तीनों विद्यार्थी जब जेल से निकले तो उनके स्वागत के लिए एक भीड़ तिहाड़ जेल के दरवाज़े पर खड़ी थी। आसिफ़ के चेहरे पर जो मास्क था उस पर “नो सीएए, नो एनआरसी” (NO CAA, NO NRC) की इबारत लिखी हुई थी।
रिहाई के फ़ौरन बाद तिहाड़ जेल के दरवाज़े पर ही नारेबाज़ी का दौर चला। सरफ़रोश-ओ-इंक़लाब के नारों से तिहाड़ जेल गूंज पड़ी। शरजील इमाम, ख़ालिद सैफ़ी, मीरान हैदर और उमर ख़ालिद समेत तमाम सीएए नेताओं की रिहाई के नारे भी लगे।
एनडीटीवी से बात करते हुए नताशा नरवाल ने बताया कि जिस तरह पुलिस दो दिन से कोताही कर रही थी, यह महसूस नहीं हो रहा था कि रिहाई हो पाएगी। ऐन रिहाई के वक्त भी पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पुलिस पूरी जेल को बंद कर दिया था।
आसिफ़ ने कहा कि सीएए के ख़िलाफ़ उनकी जंग जारी रहेगी। नजीब, इख़लाक़ और अलीमुद्दीन की लड़ाई जारी रहेगी।
उमर ख़ालिद, ख़ालिद सैफ़ी, मीरान हैदर, शरजील इमाम, शिफ़ाउर्रहमान, गुलफ़िशां चंद सीएए नेता हैं जो अब भी जेल में मौजूद हैं।

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