राज्य सभा टी वी के संसदीय मामलों के सम्पादक रहे 'अरविन्द कुमार सिंह' ने 'एशिया टाइम्स' से की बात ,कहा ; हमारे साथ खुला अन्याय हुआ है ,हम लड़ेंगे

इस छटनी में कुल 37 मीडिया कर्मियों के कॉन्ट्रैक्ट को रिनिवल नहीं किया 4 ऐसे लोगों को भी हटा दिया है जिनका टेन्योर अभी दो साल बाकी था

 

नई दिल्ली : (एशिया टाइम्स /अशरफ अली बस्तवी ) यह खबर जैसे ही आई कि कोरोना काल में राज्य सभा टी वी ने अपने पत्रकारों को निकाल दिया है ,पत्रकार जगत में बेचैनी बढ़ गई  सोशल मीडिया पर राज्य सभा टी वी के इस फैसले की कड़े शब्दों ने निंदा की गई  ,पत्रकार संगठनों ने इसे ज़्यादती करार दिया एशिया टाइम्स ने  लिखा कि " मोदी सरकार ने कोरोना काल में राज्य सभा टी वी के 19 मीडिया कर्मियों को निकाल बहार किया ; प्रोग्राम 'गुफ्तगू' के एंकर सैयद इरफ़ान का नाम भी है लिस्ट में शामिल " ।

एशिया टाइम्स ने रिपोर्ट पब्लिश करने के एक दिन बाद  हम ने राज्य सभा टी वी के सीनियर पत्रकार लम्बे अरसे से संसदीय मामलों  के सम्पादक रहे अरविन्द कुमार सिंह से राबिता किया और पूरे मामले को समझने की कोशिश की 'एशिया टाइम्स 'से  गुफ्तगू में उन्हों ने कहा  " 30  सितम्बर को जिनका कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हो गया था राज्य सभा टी वी ने  ऐसे 37 मीडिया कर्मियों  के कॉन्ट्रैक्ट को रिनिवल नहीं  किया है । कोरोना काल में लोग बेरोज़गार हो गए , लोगों का भविष्य अन्धकारमय हो गया क्योंकि कोरोना की वजह से मार्किट में जॉब पहले से नहीं है"।  

 
उन्हों ने बताया  कि "अधिकारीयों ने राज्य सभा टी वी के चेयरमैन उप राष्ट्रपति एम् वेंकैया नायडू को गुमराह किया है,  उनको स्थिति की सही जानकारी नहीं दी,  जो लोग अच्छा काम करने वाले थे उन्हीं को ही हटाया दिया  गया है , इस में 4 ऐसे लोगों को भी हटा दिया है जिनका टेन्योर अभी दो साल बाकी  था। दूसरी तकलीफ की बात यह है कि  कॉन्ट्रैक्ट का कार्यकाल भी एक साल से घटा कर एक माह कर दिया है। हर माह सिर  पर कॉन्ट्रैक्ट  ख़त्म कर देने की तलवार लटका दी है ऐसी स्थिति में कोई कैसे काम करेगा "। 

 
अरविन्द कुमार सिंह बताते हैं कि  ऐसे समय में जब  सरकार लेबर लॉ  लाकर  कहती है  कि यह लेबर लॉ  लेबर  के हितों  की रक्षा के लिए बहुत बेहतर है , और फिर ऐसा क़दम उठा कर दर्जनों लोगों को  निकाल दिया जाता है , कोई डिपार्टमेंट  का हेड यह बताने के लिए भी तैयार नहीं था की अगले माह से आपको हटाया जा रहा है ,अचानक आखिरी दिन नोटिस आती है कि आप की सर्विस खत्म करदी गई है।

 

यह हमारे साथ खुला अन्याय है ,हम लड़ेंगे ,पहले तो हम  राज्य सभा के चेयरमैन उपराष्ट्रपति एम् वेंकैया नायडू  के सामने अपील करेंगे ,और फिर भी बात नहीं बनी तो हम कोर्ट भी जायेंगे। हम चुप नहीं बैठने वाले हैं  सबसे मिलेंगे  विपक्ष के लीडर  से भी मुलाक़ात की जाएगी। लड़ाई की रूप रेखा क्या हो इस पर चर्चा जारी है। 
 

 

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