नवजवानों की गिरफ्तारियों से पुलिस की छविख़राब हो रही है : इंजीनियर सलीम

नई दिल्ली , 2 मई 2020 । दिल्ली पुलिस द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों एवं C A A विरोधी प्रदर्शनों मेंभाग लेने वाले युवकों की लगातार हो रही गिरफ्तारियों की एवं उन पर लगाए जा रहे झूठे मुक़दमों और कुछलोगों पर U A P A जैसे कठोर दफा के लगाए जाने की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं ।

विशेष रूप से पिछले दिनोंजामिया मिल्लिया इस्लामिया की शोध छात्रा सफूरा जरगर की गिरफ्तारी, फिर एक मामले में ज़मानत मिलने केबाद दूसरे मामले में फौरन गिरफ्तारी और उनको जेल में एकांत में रखा जाना , जबकि वह छात्रा गर्भवती भी है ,दिल्ली पुलिस की यह कार्यवाही न केवल अमानवीय है , बल्कि पक्षपातपूर्ण एवं बदले की भावना से प्रेरित महसूसहोता है।

 

हम गृह मंत्रालय एवं दिल्ली पुलिस से मांग करते हैं कि वह अपनी इन कार्यवाहिओं में निष्पक्षता बरतेऔर दिल्ली पुलिस की छवि को ख़राब होने से बचाए । यह बात जमाअत इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्षप्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने मीडिया को जारी एक बयान में कही ।प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने अफ़सोस प्रकट करते हुए कहा कि देश कोविड -19 की महामारी से एकजुट होकर जूझ रहा हैऔर अबतक इसी एकता और आपसी सहयोग और विश्वास की वजह से जनता और सरकार ने अब तक सफलता पाई है ।

ऐसे हालात में जबकि पूरा देश lockdown की स्थिति में है दिल्ली पुलिस द्वारा इस स्थिति का फायदा उठाते हुए C A Aविरोधी प्रदर्शनकारियों पर दमनकारी कार्यवाही करना और दिल्ली के हालिया दंगों में उनको लिप्त करने की कोशिश करनादिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े करती है ।

दूसरी तरफ केंद्र में सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोगों , जिन्होंनेखुलेआम नफरत फैलाई , लोगों को भड़काया और वे लोग जिन्होंने फरवरी के अंत में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बड़े पैमाने परयोजनाबद्ध हमले किये उनका खुलेआम घूमना और उनपर उचित कार्यवाही अब तक नहीं होना ग़लत सन्देश दे रहा है ।

प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने कहा कि हम केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से उम्मीद करते हैं कि वो इस विषय परगम्भीरतापूर्वक कोई ठोस क़दम उठाएगी ताकि लोगों में सरकार और पुलिस के प्रति विश्वास पैदा हो और लोगों के साथबिना किसी भेदभाव के न्याय हो सके । उन्होंने कहा की जमाअत जामिया की शोध छात्रा सफूरा जरगर व अन्य लोगों कीरिहाई की मांग करती है।

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