वीग़र मुस्लिमों के साथ चीन के बर्ताव पर एमनेस्टी ने कह दी बड़ी बात, पढ़िये पूरी ख़बर

“शिन्जियांग एक ‘डायस्टोपियन हेलस्केप’ बन गया है जहां वीगर और अन्य मुस्लिम जातीय अल्पसंख्यक व्यवस्थित और राज्य-संगठित यातना का सामना करते हैं”

शिन्जियांग : चीन का सुदूर पश्चिमी क्षेत्र शिन्जियांग वीगर व अन्य मुस्लिम संजातियों के लिए एक "मनहूस कारावास" बन गया है। ऐसा कहना है अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समूह एमनेस्टी का।

10 जून को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में एमनेस्टी इंटरनेशल ने बताया कि चीन वीगर मुस्लिमों को क़ैद कर उन्हें टॉर्चर कर रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि चीन जो कर रहा है उसे मानवता के ख़िलाफ़ अपराध की श्रेणी में डाला जा सकता है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में 50 ऐसे वीगर मुस्लिमों का अनुभव साझा किया है जिन्हें एक समय पर डिटेंशन कैंप में डाला गया था। रिपोर्ट में कैंप के अंदर वीगरों और अन्य समूहों के साथ होने वाले बर्ताव का विस्तृत विवरण मौजूद है। इन डिटेंशन कैंप्स को 2017 में चीनी अधिकारियों द्वारा मंज़ूरी दी गई थी।

एमनेस्टी का कहना है कि वह 2019 से इस मामले की जांच कर रही है। समूह के अनुसार तमाम सबूतों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि चीन वीगर मुस्लिमों को क़ैद कर उनके साथ टॉर्चर व ज़ुल्म कर रहा है।

जहां एक तरफ़ एमनेस्टी इंटरनेशल ने चीन के अपराधों पर रोशनी डाली है वहीं दूसरी तरफ़ कई मुस्लिम मुल्क वीगर मुस्लिमों को चीन डिपोर्ट कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब व मिस्र समेत कई मुस्लिम मुल्क ऐसे हैं जो वीगरों को वापिस चीन भेज रहे हैं।

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