इज़राइल के ख़िलाफ़ अफ़रीकी पत्रकारों ने निकाला मोर्चा, पढ़ें पूरी ख़बर
अफ़रीकी सरकारों से अपील की गई है कि वह इज़राइली सरकार द्वारा किये जाने वाले मानवाधिकार उल्लंघनों की आलोचना कर “तारीख़ की सही तरफ़ खड़े रहें।”
घाना : अफ़रीकी पत्रकारों ने अफ़रीकी युनियन व सरकारों से अपील की है कि वह इज़राइल की तरफ़ से पत्रकारों और मीडिया घरानों पर होने वाले हमलों की निंदा करें। पत्रकारों ने यह भी मांग की है कि गाजा पट्टी और फ़िलिस्तीन में दूसरी जगहों पर हमलों के दौरान मीडिया कर्मियों के साथ हुई ज़्यादती के लिए इजरायल को कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाए।
अफ़रीकी सरकारों से अपील की गई है कि वह इज़राइली सरकार द्वारा किये जाने वाले मानवाधिकार उल्लंघनों की आलोचना कर “तारीख़ की सही तरफ़ खड़े रहें।”
घाना (Ghana) में आयोजित दो-दिवसीय अफ़रीकी पत्रकार सम्मेलन में फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन जर्नलिस्ट्स (FAJ) ने "आत्मरक्षा के फर्जी बहाने के तहत" पत्रकारों की हत्या और मीडिया कार्यालयों को नष्ट करने की इज़राइल की नीति की निंदा की। पिछले महीने ग़ाज़ा बमबारी के दौरान इज़राइल ने ‘अल-जला’ इमारत को ध्वस्त कर दिया था। इस इमारत में एसोसियेट प्रेस समेत कई मीडिया घरानों के दफ़्तर मौजूद थे।
अल-जला पर हुआ हमला इज़राइली सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों को चुप कराने की कोशिश के रूप में देखा गया। एक हफ़्ते से भी कम समय में इज़राइल ने 18 से ज़्यादा मीडिया घरानों के दफ़्तर तबाह किये हैं।
सम्मेलन में इज़राइल द्वारा मीडिया घरानों पर डाले जा रहे दबाव की निंदा भी की गई। आपको बता दें कि बीते महीने हुए हमलों के दौरान इज़राइल मीडिया घरानों पर दबाव डाल रहा था कि वे उन पत्रकारों को काम से निकाल दें जो फ़िलिस्तीनियों के हुक़ूक और मीडिया की आज़ादी की मांग कर रहे हैं। इसके बाद एसोसियेट प्रेस ने 22 साल की एमिली विल्डर को बर्ख़ास्त कर दिया था। एमिली अपने फ़िलिस्तीन-समर्थक विचारों के लिए जानी जाती हैं।

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