देश में मिलावट के जहर पर अंकुश लगाए सरकारें: आजमी
नई दिल्ली। ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के तत्वाधान में बुधवार को दिल्ली स्थित दरियागंज में जिगर की बीमारियां और यूनानी चिकित्सा उपचार विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद के पूर्व उपनिदेशक डॉ. के एस शफकत आजमी की अध्यक्षता में हुई इस विचार गोष्ठी में डॉ. आजमी ने दावा किया कि हर प्रकार के पीलिया रोग और हेपेटाइटिस में यूनानी उपचार सर्वाधिक उपयोगी है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारें शुद्ध खान-पान और मिलावट रहित घी-तेल की उपलब्धता को सुनिश्चित कराए तो यह बीमारी बहुत कम हो जाएगी। इस अवसर पर मशहूर यूनानी चिकित्सक डॉ. सैयद अहमद खां के अलावा, हकीम अजीजुर्रहमान बकाई, हकीम मुर्तजा देहलवी, हकीम उजैर वकाई, हकीम अताउर्रहमान आजमी व डॉ. मो. नसीम आदि ने विचार व्यक्त किए।

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