अब्दुल शकूर को मिला इंसाफ : क़ातिल कन्हैया को आजीवन कारवास की सजा
अनवर सिद्धीकी एडवोकेट
नई दिल्ली /हरियाना :(एशिया टाइम्स) क़ातिल कन्हैया को मिली गुड़गांव सेशन कोर्ट से धारा 302 के अन्तर्गत आजीवन कारवास की सजा और 1 लाख रुपए का जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा ,धारा 436 के अन्तर्गत 3 साल की सश्रम सजा और 10000 रुपए का जुर्माना, जुर्माना न अदा करने पर 1 माह की अतिरिक्त सजा , घटना 4 मई 2019 की है । अब्दुल शकूर मानेसर में पान बीड़ी सिगरेट को लकड़ी का खोका लगा कर बेचता था । उसका बेटा इम्तियाज़ ऑटो रिक्शा चलाता था। कन्हैया एक मनबढ़ किस्म का सांप्रदायिक विचारों वाला व्यक्ति था और अब्दुल शकूर से मनबढ़ी करके सामान लेता रहता था और कीमत नहीं चुकाता था।
4 मई को जब शकूर ने पैसे मांगे और उधार देने से मना कर दिया तो कन्हैया पेट्रोल पम्प से बोतल में पेट्रोल लेकर आया और शकूर पर उड़ेल दिया जिससे शकूर और उसका खोखा काफी बुरी तरह जल गया।
उसके बेटे इम्तियाज़ और अन्य को चश्मदीद गवाह भी हैं, ने घायल शकूर को पहले समीप के अस्पताल और फिर वहां से रेफर कराकर दिल्ली अस्पताल पहुंचाया , जहां शकूर की ३दिन बाद मृत्यु हो गई।
पेट्रोल पम्प के सीसीटीवी फुटेज में कन्हैया को मोती राम पेट्रोल पम्प से बोतल में पेट्रोल लेता नजर आया और घटना के बाद भी एक शराब की दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में भागता नजर आया। घटना में उसका भी हाथ जला।
पीड़ित पक्ष के लोगों(अब्दुल शकूर के बेटे इम्तियाज़, परिजन फहीम आदि के साथ अनवर सिद्धीकी एडवोकेट ने पैरवी की और कई बार इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर से भी आरोपपत्र दाखिल होने से पूर्व मिले।
दिनांक 3 दिसंबर 2019 को चश्मदीद गवाहों इम्तियाज़, सरफराज आदि के बयान दर्ज हुए ।शकूर हत्या मामले की पैरवी जनाब अनवर सिद्धीकी एडवोकेट के साथ इनामुल हसन एडवोकेट भी रहे।निष्पक्ष विवेचना इस मामले में हुई।इस फैसले से पीड़ितों का न्याय पालिका में विश्वास बढ़ा है।

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