अब्दुल मन्नान ‘आजकल’ के नए संपादक नियुक्त

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग का बड़ा फैसला, उर्दू साहित्य जगत में हर्ष की लहर

 

नई दिल्ली, 30 जुलाई 2025  (एशिया टाइम्स ब्यूरो) भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्यरत प्रकाशन विभाग ने वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अब्दुल मन्नान को अपनी प्रतिष्ठित उर्दू मासिक पत्रिका ‘आजकल’ का संपादक नियुक्त किया है। इस अहम नियुक्ति की घोषणा के साथ ही उर्दू साहित्यिक और पत्रकारिता जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
'आजकल' पत्रिका एक समय देश की सबसे प्रभावशाली उर्दू साहित्यिक पत्रिकाओं में गिनी जाती थी, लेकिन बीते वर्षों में इसका प्रकाशन ठहराव का शिकार रहा। अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि अब्दुल मन्नान जैसे अनुभवी और सृजनशील संपादक के नेतृत्व में पत्रिका फिर से अपनी साहित्यिक पहचान और गरिमा प्राप्त करेगी।
जोश मलीहाबादी से लेकर अब्दुल मन्नान तक

‘आजकल’ का अतीत बेहद गौरवशाली रहा है। इसके संपादन से देश के कई नामचीन शायर और लेखक जुड़े रहे हैं, जिनमें जोश मलीहाबादी, अर्श मलसियानी, मुईन अहसन जज्बी, शानुल हक हक्की, राज नारायण राज, महबूबुर रहमान फारुकी, अबरार रहमानी, और खुर्शीद अकरम जैसे दिग्गज साहित्यकारों के नाम शामिल हैं।अब अब्दुल मन्नान जैसे अनुभवी साहित्यकार के नेतृत्व में पत्रिका को फिर से साहित्यिक विमर्श का केंद्र बनाए जाने की उम्मीद है।
पत्रकारिता का चार दशकों का अनुभव

अब्दुल मन्नान पत्रकारिता और साहित्य दोनों में गहरा अनुभव रखते हैं। वे ‘योजना’ जैसी प्रतिष्ठित मासिक पत्रिका के संपादक रह चुके हैं और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की कई पत्रिकाओं और परियोजनाओं में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
उन्होंने ‘सैनिक समाचार’ के उप-संपादक, डीडी न्यूज़ के समाचार बुलेटिन संपादक, तथा राँची के प्रादेशिक समाचार केंद्र के प्रभारी के रूप में भी सेवाएँ दी हैं। मन्नान का अनुभव प्रिंट, रेडियो और टेलीविजन — तीनों माध्यमों में रहा है।
उन्होंने फीचर एंड न्यूज़ एलायंस (फाना), दैनिक अवाम, सब का अख़बार, और अफ़कार-ए-मिल्ली जैसी पत्र-पत्रिकाओं में उप-संपादक के रूप में योगदान किया। साथ ही आकाशवाणी से भी वे बुलेटिन संपादक, टिप्पणी अनुवादक और लेखक के रूप में जुड़े रहे।
अकादमिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि

अब्दुल मन्नान का जन्म 5 जनवरी 1969 को बिहार के किशनगंज ज़िले के साहित्यिक गाँव बैगना में हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से यूजीसी फेलोशिप के साथ एम.फिल (उर्दू), मिथिला विश्वविद्यालय से एम.ए (उर्दू), तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया से लाइब्रेरी साइंस में डिग्री प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने जेएनयू से मास मीडिया में डिप्लोमा और अनुवाद में भी रिफ्रेशर कोर्स किया है।
कंप्यूटर एप्लिकेशन में भी उनका तकनीकी प्रशिक्षण रहा है। वे यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया (यूएनआई) उर्दू सेवा और हिंदी मासिक 'युवा दृष्टि' के संस्थापक संपादक भी रह चुके हैं।
सामाजिक और शोध रुचियाँ
पत्रकारिता के साथ-साथ अब्दुल मन्नान का सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में भी विशेष योगदान रहा है। उन्होंने किशनगंज, मेवात, असम और पुणे के मुस्लिम समुदायों की सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक स्थितियों पर गहरा शोध कार्य किया है।

बधाइयों का तांता

‘आजकल’ के संपादक के रूप में अब्दुल मन्नान की नियुक्ति पर सोशल मीडिया पर देशभर से उन्हें बधाइयाँ मिल रही हैं। लेखकों, शिक्षकों, पत्रकारों और पाठकों ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए आशा जताई है कि यह पत्रिका जल्द ही फिर से साहित्यिक हलकों में केंद्र में आ जाएगी।

सम्पर्क :asiatimesnewsdesk@gmail.com

 

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