खुद को भाजपा अहमदाबाद के आईटी सेल का सदस्य बताने वाले अनंत गांधी ने 18 फ़रवरी को इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा -“फ़िल्म अभिनेता आमिर खान तुर्की के राष्ट्रपति से तुर्की मे मिलने क्यों गये??तुर्की का भारत विरोघ और पाकिस्तान प्रेम जग जाहिर हे।” (आर्काइव की गई ट्वीट)

ये ध्यान देने लायक है कि इरदुगान ने 14 फ़रवरी को पाकिस्तानी संसद में कश्मीर का मुद्दा उठाया था और पाकिस्तान को समर्थन देने की बात कही थी. पिछले साल भी तुर्की के राष्ट्रपति ने यही दावा यूनाइटेड नेशन्स में किया था.
एक अन्य ट्विटर यूज़र ने इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा -” #हमने_तो_आस्तीन_मे_ही_सूूवर_पाले_है जिस तुर्की के जेहादी राष्ट्रपति एबोर्देन ने यूएनओ मे 370 हटाये जाने का भारत का विरोध किया..जिसने खूलकर पोर्किस्तान का साथ दिया और अभी दो दिन पहले भी वही कर चुका है..उसी दुशमन से मिलने..हिन्दुस्तान मे डर लगने वाले सूअर आमिर खान मिलने गया है..!!” (आर्काइव किया हुआ पोस्ट)

इस तस्वीर को ट्विटर पर कई यूज़र्स ने इसी दावे से पोस्ट की है.
फ़ैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने यांडेक्स पर इस तस्वीर का रिवर्स सर्च किया और इसे ‘गेटी इमेजेज़’ पर पाया. इस स्टॉक फ़ोटो वेबसाइट के अनुसार, इस तस्वीर को काहान ओज़र ने 6 अक्टूबर, 2017 को तुर्की के अंकारा में खींचा था.
इस तरह, सोशल मीडिया का दावा कि तुर्की के राष्ट्रपति इरदुगान की अनुच्छेद 370 पर हाल ही में की गई टिप्पणी के बाद आमिर ख़ान का उनसे मिलने का दावा गलत साबित होता है. 2017 में जब आमिर ख़ान इरदुगान से मिले थे, वो एक फ़िल्म का प्रमोशन कर रहे थे.
योगदान करें!!
सत्ता को आइना दिखाने वाली पत्रकारिता जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, वो तभी संभव है जब जनता भी हाथ बटाए

0 comments