अज़रबैजान में 88% लोगों ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का समर्थन किया
बाकू, अज़रबैजान (MNTV): अज़रबैजान में कराए गए एक जनमत सर्वेक्षण में 88.2 प्रतिशत लोगों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया है। वहीं, ऐसे उत्तरदाताओं में जिनके बच्चे 16 वर्ष से कम उम्र के हैं, प्रतिबंध के समर्थन का आंकड़ा बढ़कर 91.2 प्रतिशत हो गया।
यह सर्वेक्षण अज़रबैजान की मीडिया डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल और उसके नियमन को लेकर लोगों की राय जानने के लिए कराया गया था। सर्वेक्षण में 16 वर्ष से कम उम्र के लोगों के सोशल मीडिया इस्तेमाल के कानूनी नियमन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग और समाज पर उसके प्रभाव का अध्ययन किया गया।
सर्वेक्षण में 87.5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल बच्चों की शिक्षा और परवरिश पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जबकि 93.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सरकारी नियमन को उचित माना।
सोशल मीडिया बना सबसे बड़ा सूचना स्रोत
सर्वेक्षण के मुताबिक सोशल मीडिया अधिकांश लोगों के लिए सूचना का प्रमुख स्रोत बन चुका है। 81.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे समाचार और अन्य जानकारियां हासिल करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं।
इसके बाद टेलीविजन (55.9 प्रतिशत), समाचार वेबसाइटें (48.8 प्रतिशत), परिवार के सदस्य और आसपास के लोग (37.9 प्रतिशत), रेडियो (5.8 प्रतिशत), विदेशी मीडिया (4.8 प्रतिशत) तथा समाचार पत्र और पत्रिकाएं (2.8 प्रतिशत) सूचना के प्रमुख स्रोत रहे।
युवाओं में सोशल मीडिया से जानकारी हासिल करने वालों का अनुपात और अधिक पाया गया। इस आयु वर्ग में 94.1 प्रतिशत लोग सूचना के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं।
सूचना के लिए टीवी पर सबसे ज्यादा भरोसा
हालांकि सूचना हासिल करने के मामले में सोशल मीडिया सबसे आगे रहा, लेकिन विश्वसनीयता के मामले में टेलीविजन सबसे ऊपर रहा। सर्वेक्षण में 64.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे टेलीविजन पर भरोसा करते हैं।
इसके बाद समाचार वेबसाइटों पर 43 प्रतिशत, सोशल मीडिया पर 31.4 प्रतिशत, रेडियो पर 20.2 प्रतिशत और समाचार पत्रों पर 9.6 प्रतिशत लोगों ने भरोसा जताया।
सर्वेक्षण में 78.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने का उनका मुख्य उद्देश्य मौजूदा घटनाओं पर नजर रखना और जानकारी हासिल करना है।
आधे लोग सोशल मीडिया की खबरों की सत्यता नहीं जांचते
सर्वेक्षण में सोशल मीडिया से जुड़ी एक महत्वपूर्ण चिंता भी सामने आई। सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले लगभग आधे लोगों ने स्वीकार किया कि वे प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली सूचनाओं की सत्यता की जांच नहीं करते।
सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के उपायों को देश में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है। रिपोर्ट के अनुसार, लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया से जुड़े जोखिमों को केवल व्यक्तिगत या पारिवारिक स्तर पर नियंत्रण के जरिए समाप्त नहीं किया जा सकता।
अध्ययन में यह भी कहा गया कि सूचना के स्रोतों के मामले में पारंपरिक मीडिया, विशेष रूप से टेलीविजन चैनल और समाचार वेबसाइटें, लोगों के बीच भरोसे के लिहाज से अब भी महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
1,200 लोगों पर हुआ सर्वेक्षण
यह जनमत सर्वेक्षण 25 जुलाई से 2 अगस्त 2026 के बीच आमने-सामने साक्षात्कार के माध्यम से किया गया। इसमें 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के कुल 1,200 लोगों ने हिस्सा लिया।
सर्वेक्षण में प्रतिभागियों का चयन लिंग, आयु वर्ग और आर्थिक क्षेत्र के आधार पर आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुपात में किया गया, ताकि अध्ययन को प्रतिनिधि बनाया जा सके।
सर्वेक्षण में प्लस या माइनस 3 प्रतिशत की त्रुटि सीमा बताई गई है।
रिपोर्ट: MAP | संपादन:

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