6 राज्यों की 86% शहरी झुग्गियों में LPG कनेक्शन, लेकिन 50% भी नहीं करते इस्तेमाल, उज्ज्वला योजना पर सवाल?
नई दिल्ली:
देश के शहरी इलाकों की स्लम एरिया में रहने वाले लोग एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जबकि उनमें से अधिकांश के पास एलपीजी गैस सिलेंडर है. काउंसिल ऑन ईनर्जी, इनवायरमेंट एंड वाटर (CEEW) द्वारा बुधवार को जारी एक स्टडी रिपोर्ट के अनुसार, शहरी झुग्गियों में 86 प्रतिशत घरों में एलपीजी कनेक्शन के बावजूद, उनमें से केवल आधे ही एलपीजी गैस सिसेंडर का इस्तेमाल करते हैं और इसकी जगह प्रदूषणकारी ईंधनों यानी बायोगैस और लकड़ी का जलावन के तौर पर उपयोग करते हैं.
एशिया की मशहूर गैर सरकारी संस्था CEEW ने छह राज्यों (बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) के 58 जिलों की 83 शहरी इलाकों में ‘Cooking Energy Access Survey 2020' किया, जिसमें पाया है कि इनमें से 16 फीसदी घरों में आज भी पारंपरिक ईंधन जलाए जा रहे हैं और प्रदूषणकारी लकड़ी, कोयले, उपले, फसलों के डंठल, चारकोल, किरोसीन आदि का उपयोग हो रहा है.
इन छह राज्यों में देश की करीब एक चौथाई शहरी झुग्गीवासी रहते हैं. साल 2011 की आबादी के अनुसार देश की स्लम बस्तियों में 1.37 करोड़ लोग रहते हैं. छह में से तीन बीजेपी शासित राज्य है, जबकि दो कांग्रेस शासित और एक में सरकार में कांग्रेस शामिल है.
स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की वजह से पिछले कुछ सालों में इन बस्तियों में आश्चर्यजनक तौर पर एलपीजी गैस सिलेंडर के कनेक्शन बढ़े हैं लेकिन उसका इस्तेमाल आधे से भी कम लोग (45 फीसदी) कर रहे हैं. गरीबी और ऊर्जा पहुंच के बीच संबंधों को रेखांकित करते हुए स्टडी में कहा गया है कि लोग एलपीजी सिलेंडरों की रिफिलिंग में असमर्थ होने की वजह से लोग प्रदूषणकारी ईंधन का निरंतर उपयोग कर रहे हैं.
बता दें कि पिछले दिनों कई शहरों से भी खबरें आई थीं कि एलपीजी गैस सिलेंडर महंगा होने की वजह से लोग उज्ज्वला योजना के तहत प्राप्त गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग नहीं करवा रहे हैं. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत ₹1600 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. इस राशि से लाभार्थी गैस कनेक्शन ले सकता है. लेकिन अब लोग सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे. पिछले अप्रैल के बाद से गैस सब्सिडी भी खाते में आनी बंद हो गई है, जबकि दो महीनों में ही एलपीजी सिलेंडर के दाम में 125 रुपये का इजाफा हो चुका है.

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