गाजा पर इजराइली हमले में 3 दिन में 250 मौत
इजराइली सेना ने हमास को हराने और अपने बंधकों की रिहाई के लिए गाजा में एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत इजराइल ने बीते 3 दिन में गाजा पर कई बड़े हमले किए, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार से शनिवार के बीच गाजा पट्टी में हमास के 150 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए। इजराइल का कहना है कि वह तब तक अपना ऑपरेशन जारी रखेगा, जब तक हमास खत्म नही हो जाता।
इजराइल ने गाजा पर कंट्रोल के लिए 5 मई को ‘गिदोन चैरियट्स’ मिलिट्री ऑपरेशन की शुरुआत की थी। इजराइल ने मार्च 2025 में गाजा के अंदर फूड और फ्यूल सप्लाई रोकने का फैसला किया था। इजराइली सरकार ने दावा किया था कि इससे हमास कमजोर होगा।
गाजा में तीन दिन में हुए हमलों की 5 तस्वीरें देखिए...





गाजा में 5 लाख लोगों पर भुखमरी का संकट
गाजा में बीते 19 महीनों से जारी जंग के बीच 5 लाख लोगों पर भुखमरी का संकट पैदा हो गया है। गाजा के हालात पर 12 मई को संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट पेश की थी।
इसके मुताबिक अगर इजराइल पाबंदियां नहीं हटाता है तो गाजा में हर 5 में से 1 व्यक्ति भुखमरी की चपेट में आ सकता है। साथ ही 21 लाख लोगों को अकाल का सामना भी करना पड़ सकता है। अक्टूबर 2023 में शुरू हुए इजराइल-हमास संघर्ष में अब तक 61 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
गाजा से महज 40 किमी की दूरी पर अनाज का स्टॉक
UN के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने कहा कि उनके पास खाने का स्टॉक खत्म हो गया है। ज्यादातर बेकरियां और दान से चलने वाले किचन बंद हो चुके हैं।
गाजा के लिए UN के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) के डायरेक्टर एंटोनी रेनार्ड के मुताबिक इस इलाके की आबादी को खिलाने के लिए जरूरी भोजन इजराइल, मिस्र और जॉर्डन के गोदामों में पड़े हैं।
ये गोदाम गाजा से महज 40 किमी दूर हैं। रेनार्ड ने कहा कि गाजा में WFP के गोदाम खाली हैं और एजेंसी अब 10 लाख लोगों को भोजन मुहैया कराने के बजाय सिर्फ सिर्फ 2 लाख लोगों का ही भोजन बना पा रही है।
UN और यूरोपीय देशों ने इजराइल से गाजा पट्टी में भुखमरी और अकाल की स्थितियों से निपटने के लिए गाजा को खाना पहुंचाने पर लगी रोक को जल्द खत्म करने की मांग की है।
अगर इजराइल ने सैन्य कार्रवाई बढ़ाई, तो ज्यादातर लोगों को खाना, पानी, आश्रय और दवाइयां नहीं मिलेंगीं।


अरब लीग शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं ने गाजा में युद्धविराम की मांग रखी
इराक की राजधानी बगदाद में शनिवार को अरब लीग शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस सम्मेलन में शामिल हुए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने गाजा में नरसंहार को रोकने के लिए दबाव बढ़ाने की अपील की।
वहीं UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि हमें अब एक स्थायी युद्धविराम की जरूरत है। हम गाजा की आबादी के बार-बार जबरन विस्थापन को अस्वीकार करते हैं।
जबकि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से "गाजा में युद्धविराम के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की अपील की।
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने शिखर सम्मेलन में कहा कि उनका देश गाजा के रि-डेवलपमेंट के लिए 'अरब फंड' बनाने का समर्थन करता है। उनका देश गाजा की मदद के लिए 20 मिलियन डॉलर की मदद देने को भी तैयार है।

बेंजामिन नेतन्याहू- हमास को खत्म करने के लिए जंग जारी रखेंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 13 मई को एक बयान में कहा था कि वे हमास को खत्म करने के लिए जंग जारी रखेंगे।
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा में खाना पहुंचाने के लिए एक नई योजना का सुझाव दिया, जिसमें निजी संगठन कुछ चुनिंदा जगहों पर खाना बांटेंगे।
UN ने इस योजना को खारिज कर दिया, क्योंकि इससे लोगों को खाना पाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
ट्रम्प ने कहा- गाजा के लोग बेहतर भविष्य के हकदार
हमास की आलोचना करते हुए ट्रम्प ने कहा कि गाजा में फिलिस्तीनी जीवन में सुधार तब तक नहीं हो सकता जब तक उनके नेता राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निर्दोष लोगों को निशाना बनाना जारी रखेंगे। ट्रम्प ने कहा-
गाजा में लोगों के साथ जिस तरह से व्यवहार किया जाता है, दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां लोगों के साथ इतना बुरा व्यवहार किया जाता हो।

ट्रम्प के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले सीजफायर हुआ था
इजराइल-हमास के बीच 19 जनवरी को डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले सीजफायर हुआ था। जिसमें तीन फेज में दोनों पक्ष एक-दूसरे के बंधकों को रिहा करने पर सहमत हुए थे।
सीजफायर का पहला फेज 1 मार्च को खत्म हो गया। पहले फेज में हमास ने 33 बंधक छोड़े, इनमें 8 शव शामिल थे। वहीं इजराइल ने 2 हजार फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया।
इजराइल और हमास के बीच सीजफायर के दूसरे फेज पर अभी तक बातचीत शुरू नहीं हो पाई है।
18 मार्च को इजराइल ने सीजफायर तोड़ते हुए गाजा में कई इलाकों पर हमला किया था। इजराइल का दावा था कि उसने हमले की प्लानिंग कर रहे आतंकियों को निशाना बनाया था।
वहीं, हमास का कहना था कि नेतन्याहू का फिर से युद्ध शुरू करने का फैसला इजराइली बंधकों के लिए मौत की सजा की तरह है।
4 पाॅइंट में समझिए हमास-इजराइल जंग...
- हमास-इजराइल के बीच संघर्ष का सिलसिला साल 1948 से जारी है। इसने भीषण रूप 7 अक्टूबर 2023 को लिया जब हमास ने इजराइल पर हमला किया। जिसमें 815 नागरिकों सहित 1,195 इजराइली और विदेशी नागरिक मारे गए।
- हमास ने 251 इजराइली लोगों को बंधक बनाया। हमास ने इस हमले को इजराइल के कब्जे, गाजा की नाकाबंदी और हजारों फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई की मांग के लिए किया।
- इजराइल ने जवाब में गाजा पर बमबारी शुरू की और 27 अक्टूबर 2023 को जमीनी हमला शुरू किया। इजराइल का कहना है कि उसका मकसद हमास को खत्म करना और बंधकों को रिहा कराना है।
- इस युद्ध में 61,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। इजराइल में 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए। गाजा में 80% लोग विस्थापित हो चुके हैं और अधिकांश बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है।
courtesy:www.bhaskar.com

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