यरुशलम के सिलवान में 1,500 फ़िलिस्तीनी घर गिराए जाने की कगार पर
अल-बुस्तान इलाक़े में 88 घर मौजूद हैं। यरुशलम नगरपालिका इन घरों के स्थान पर पुरातत्विक पार्क बनाना चाहती है।
यरुशलम : इज़राइल द्वारा संचालित यरुशलम नगरपालिका ने अल-बुस्तान में रह रहे फ़िलिस्तीनियों के घर-विध्वंस के आदेश जारी किये हैं। नगरपालिका ने यह भी कहा है कि यदि 21 दिन के अंदर घर खाली नहीं होते हैं तो सामान के साथ घर गिरा दिए जायेंगे।
सोमवार को जारी इस आदेश में नगरपालिका ने कहा, “हम आप सब को यह सूचित करना चाहते हैं कि कोर्ट के आदेशानुसार सभी घर गिराए जाएंगे। नुकसान से बचने के लिए इस चिट्ठी के मिलने के 21 दिन के अंदर ही घर को ख़ाली कर दें। अगर घर ख़ाली नहीं होता तो नगरपालिका किसी भी नुक़सान के लिए ज़िम्मेदार नहीं है।”
पिछले महीने सिलवान में दो फ़िलिस्तीनी परिवारों ने अपने घरों से जबरन निकाले जाने पर इजरायल की अदालत में अपील दायर की थी, जिसपर अदालत ने अपना फैसला स्थगित कर दिया था।
सिलवान के निवासियों ने कई समर्थकों के साथ नगरपालिका के आदेश का विरोध भी किया जिसके बाद इज़राइली सुरक्षा-बलों ने हिंसा का प्रयोग कर रैली को अशांत करने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने 16 वर्षीय सुल्तान सुरहान और क़ुतैबा ओदेह को गिरफ़्तार भी कर लिया है। क़ुतैबा ने कहा था कि जो कुछ दिनों पहले शेख़ जर्राह में हुआ था अब वो सिलवान में हो रहा है।
सिलवान का अल-बुस्तान इलाक़ा ओल्ड सिटी के दक्षिण में स्थित है। यहां 88 घरों में 119 परिवार रहते हैं जो इस समय बेघर होने की कगार पर हैं। यरुशलम नगरपालिका इन घरों के स्थान पर पुरातत्विक पार्क बनाना चाहती है।
घरेलू संपत्ति के विनाश की इज़राइल की व्यापक रूप से प्रचलित नीति पूरे परिवारों को नुक़सान पहुंचाती है। इस तरह के विध्वंस को अवैध सामूहिक दंड माना जाता है और यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन है।

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