सऊदी अरब का 90 वां राष्ट्रीय दिवस आज ; हर वर्ष यह दिन सऊदी अरब के एकीकरण की याद में मनाय जाता है

यह वह दिन है जिस दिन 32 वर्षों के युद्ध के बाद सऊदी अरब के साम्राज्य को एकजुट किया गया था

 

सऊदी अरब अपने पूर्वजों की सामाजिक , धार्मिक , और सांस्कृतिक धरोहर की हिफाज़त करते हुए आज विकसित विश्व का अभिन्न अंग बन गया है

By: Ashraf Ali Bastavi 

 सऊदी अरब आज अपना  90 वां राष्ट्रीय दिवस मना रहा है. यह दिन सऊदी अरब के एकीकरण की याद में मनाय जाता है ,इसी दिन किंग अब्दुलअज़ीज़ बिन अब्दुलरहमान अल सऊद की ऐतिहासिक घोषणा के बाद सऊदी अरब में विधिवत इस्लामी रियासत की बुन्याद पड़ी।इस राष्ट्र की बुनियाद इस्लाम के पहला कलमा 'ला इलाह इल्ललाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह ' है. 

 
किंग अब्दुलअज़ीज़ ने सऊदी अरब के निर्माण की शुरुआत दो पवित्र मस्जिदों काबा और मस्जिद नबवी के विस्तार से किया,  हज , उमराह तीर्थयात्रियों की सेवा करने के साथ-साथ स्कूलों और अस्पतालों की स्थापना की गई , ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया और स्टेट को पानी की खोज करने का आदेश दिया गया । किंग  सऊद बिन अब्दुलअजीज अल सऊद इस दृष्टिकोण पर काम  करने वाले  पहले व्यक्ति थे.

किंग फैसल बिन अब्दुलअज़ीज़  ने किंग अब्दुलअजीज अल सऊद की धरोहर को आगे बढ़ाया और उनके शासनकाल में सऊदी अरब ने विकास के लिए महत्वाकांक्षी पंचवर्षीय योजनाओं का कार्यान्वयन शुरू किया।


किंग खालिद बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के शासनकाल में सऊदी अरब दुनिया के नक़्शे पर एक समृद्ध देश के रूप उभरा और एक  स्थिर राष्ट्र बनकर सामने आया। 


किंग  फहद बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के शासनकाल के दौरान सऊदी अरब को  एक अति बुद्धिमान और अद्वितीय नेतृत्व  मिला, इस्लामी तहज़ीब का प्रसार और नागरिकों की सेवा करने के लिए उनका समर्पण सऊदी  के इतिहास में  हमेशा याद किया जायेगा।


किंग अब्दुल्लाह बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के दौर में सऊदी अरब ने  शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, उद्योग, बिजली, पानी सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश भर में विशाल उपलब्धि हासिल की।  सऊदी अरब ने विश्व पटल पर एक मज़बूत देश के रूप में अपनी पहचान बनाई है विशेष रूप  से कृषि विकास और अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिली .


किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के शासनकाल में  आज की दुनिया आत्मविश्वास से भरे सऊदी अरब की और देख रही है , उनका विज़न 2030  प्रोजेक्ट एक विकसित सऊदी अरब की नींव की ईंट साबित हो रहा है।सऊदी अरब को G -20 की मेज़बानी मिलना  कामयाबी की एक अहम कड़ी है ,विकास की इस मुहीम में क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की दूरदर्शिता का भी बड़ा रोल है।

 

वह सऊदी अरब की तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था को तेल से निकाल कर टूरिज्म और इंडस्ट्री की ओर लाने के लिए प्रयासरत हैं। निओम सिटी प्रोजेक्ट इसी की एक अहम कड़ी है। 


इस दरम्यान यह भी नोट किया गया कि किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के शासनकाल में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में दोपक्षीय संबंधों को काफी बल मिला, आर्थिक और सामरिक सम्बन्ध मज़बूत हुए और कई क्षेत्रों में सफलता मिली है। 


आज सऊदी अरब अपना 90 वां राष्ट्रीय दिवस मना रहा है जो किंगअब्दुलअज़ीज़ के ख्वाबों का सऊदी अरब है। बाद के लोगों ने भी उसी लग्न से काम किया है।यह वह दिन है जिस दिन 32 वर्षों के युद्ध के बाद सऊदी अरब के साम्राज्य को एकजुट किया गया था। उस दिन, ऐसे  देश की स्थापना की गई थी जिसकी बुनियाद इस्लामी शरिया पर हो ,जो पूरी दुनिया के लिए विकास और प्रगति का बेहतर नमूना साबित हो।

समय के साथ सऊदी अरब की विकास यात्रा  जारी है। सऊदी अरब अपने पूर्वजों की सामाजिक , धार्मिक , और सांस्कृतिक धरोहर की हिफाज़त करते हुए विकसित विश्व का अभिन्न अंग बन गया है। इस यात्रा में  सऊदी अरब के प्रत्येक  नागरिक  का    बहुमूल्य योगदान शामिल  है। 

The Writer is Chief Editor of  Asia Times,  New Delhi

 Twitter : @ashraf_bastavi / E-mail:ashrafbastavi@gmail.com

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