तमिल नाडू : दूसरी कोविड लहर में बाप-बेटे ने किया 64 लोगों का अंतिम संस्कार

जब कोविड-19 से मरे व्यक्ति का परिवार भी उसका अंतिम संस्कार करने के लिए आगे नहीं आ रहा तब मदुरई के अय्यूब ख़ान यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों का अंतिम संस्कार सम्मानजनक तरीक़े से हो।

शादाब खान

मदुरईः ऐसे समय में जब कोविड-19 से मरे व्यक्ति का परिवार भी उसका अंतिम संस्कार करने के लिए आगे नहीं आ रहा तब मदुरई के अय्यूब ख़ान यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों का अंतिम संस्कार सम्मानजनक तरीक़े से हो। दूसरी कोरोना लहर के दौरान अय्यूब अब तक 64 लोगों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं।

शिवगंगा डीएमके यूथ विंग सचिव अय्यूब ख़ान का कहना है कि उन्होंने पिछले साल मार्च में कोरोना की पहली लहर के दौरान ही लोगों की सहायता शुरू कर दी थी। टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे मालूम हुआ कि कोविड-19 से होने वाली मौतें लोगों के लिए बड़ा बोझ बन रही थीं। इसलिए मैंने फ़ैसला किया कि जिन मृतकों का परिवार अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहा उनका अंतिम संस्कार मैं करूंगा।”

अय्यूब ख़ान ने पहली लहर के दौरान 16 और दूसरी लहर के दौरान 64 कोविड मृतकों का अंतिम संस्कार किया है। अय्यूब के बेटे राजा, जिनकी उम्र 19 साल है, अब अपने पिता का इस काम में हाथ बंटाते हैं।

“हमारे सामने ऐसे मौके भी आए हैं जब मृतक के साथ सिर्फ़ एक महिला मौजूद होती है। वह स्थिति से इतनी मायूस हो जाती है कि फ़ौरन अंतिम संस्कार करने की अपील करने लगती है, क्योंकि इतने कम समय में रिश्तेदारों को बुलाना संभव नहीं होता। कुछ लोग अंतिम संस्कार का शुल्क अदा करते हैं, कुछ लोग वह भी नहीं कर पाते” अय्यूब ने बताया।

एस पी शन्मुगनाथन, जिनकी बेटी ने पिछले साल अपने ससुर शिवप्रकाशम को कोरोना के हाथों खो दिया था, ने बताया कि शिवप्रकाशम का अंतिम संस्कार भी अय्यूब ने ही किया था।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने पिछले साल शिवगंगा के दौरे पर अय्यूब ख़ान की तारीफ़ की थी। पार्टी लीडर से सराहना मिलने पर अय्यूब का कहना है कि यह उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था और इसने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।

 

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