''इंसाफ के लिए लड़ाई जारी रहनी चाहिए'' : बर्खास्‍तगी के UP सरकार के आदेश पर डॉ. कफील खान

डॉक्‍टर कफील ने कहा, 'इस सरकार से कभी न्‍याय की उम्‍मीद नहीं थी. मैंने कुछ गलत नहीं किया है इस बारे में आधिकारिक आदेश मिलने पर इसे चुनौती दूंगा. इंसाफ के लिए लड़ाई जारी रहनी चाहिए. '

Uttar Pradesh: दो साल पहले यूपी के गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी के कारण 60 से अधिक बच्चों की मौत (Death of infants at Gorakhpurs Hospital) के बाद से यूपी सरकार की नाराजगी झेल रहे डॉक्‍टर कफील खान  (Dr. Kafeel Khan) की इंसाफ के लिए लड़ाई अभी भी जारी है. योगी सरकार ने उन्‍होंने बर्खास्‍त करने का आदेश दिया है. इस आदेश पर रिएक्‍शन देते हुए  डॉक्‍टर कफील ने कहा, 'इस सरकार से कभी न्‍याय की उम्‍मीद नहीं थी. मैं जातना हूं कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है और मेरा हमारी न्‍याय व्‍यवस्‍था पर पूरा विश्‍वास है. इस बारे में आधिकारिक आदेश मिलने पर इसे चुनौती दूंगा. इंसाफ के लिए लड़ाई जारी रहनी चाहिए. '

ट्वीट में डॉक्‍टर कफील ने लिखा, '63 बच्चों ने दम तोड़ दिया क्योंकि सरकार ने ऑक्‍सीजन सप्लायरों को भुगतान नहीं किया. 8 डॉक्टर, कर्मचारी निलंबित -7 बहाल किए गए. कई जांच/अदालत द्वारा चिकित्सा लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में क्लीन चिट मिलने के बावजूद मैं बर्खास्‍त.माँ बाप-इंसाफ़ के लिए भटक रहे. न्याय? अन्याय ? आप तय करें.' गौरतलब है कि ऑक्सीजन आपूर्ति में कथित रूप से बाधा उत्पन्न होने के चलते 10-11 अगस्त, 2017 को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 30 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में डॉक्टर कफील अहमद को गिरफ्तार किया गया था.बाद में कोर्ट ने उन्‍हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था. इस मामले में आरोपित डा. कफील खान को अब बर्खास्त कर दिया गया है.

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) आलोक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुये बताया कि जांच में दोषी पाए जाने के बाद डा. कफील खान को बर्खास्त कर दिया गया है.अभी तक निलंबित चल रहे डा. कफील को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) कार्यालय से संबद्ध किया गया था. प्रमुख सचिव कुमार ने बताया कि यह मामला चूंकि अदालत में चल रहा है, इसलिये बर्खास्त किए जाने के संबंध में अदालत में जानकारी दी जाएगी.गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अगस्त 2017 में ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत हो गई थी. इसके बाद 22 अगस्त को डा कफील को निलंबित कर दिया गया था, उनके खिलाफ जांच चल रही थी.

 


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