NDTV के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का हार्ट अटैक से निधन

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का निधन हो गया है। उन्होंने लखनऊ स्थिति अपने आवास में अंतिम सांस ली। कमाल खान का निधन हार्ट अटैक से हुआ है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कमाल खान की शादी पत्रकार रुचि कुमार के साथ हुई थी। वह अपने परिवार के साथ लखनऊ के बटलर पैलेस स्थित सरकारी बंगले में रहते थे। शुक्रवार तड़के उन्होंने वहीं अंतिम सांसें लीं।

 

वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद जोशी कहते हैं, 'कमाल खान Kamal Khan के असामयिक निधन से गहरा धक्का लगा है। कमाल और रुचि Ruchi Kumar ने मेरे साथ नवभारत टाइम्स लखनऊ में काम किया है। बहुत समझदार और संतुलित पत्रकार हमने खो दिया। यह क्या हो गया?'

13 घंटे पहले के कमाल खान की उत्तराखण्ड विधानसभा चुनावों पर वीडियो रिपोर्ट को शेयर करते हुए अमन शर्मा लिखते हैं, 'द लीजेंड, कमाल खान की आखिरी पीटीसी - जिसके लिए वे मशहूर थे। ये कल की ही देर शाम की बात है। वो अब नहीं रहे। जीवन इतना चंचल है।'

समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता जूही सिंह कहती हैं, कमाल खान जी, आप हमेशा याद रहेंगे अपने प्यारे व्यवहार के लिए,ईद पर प्यारा भोजन, लालटेन, दीया, मजाकिया कहानियां, दिवाली मिलन, नए साल का लंच... बेचैन और अधीर हूं, क्या आप भी... रुचि मैम के प्रति मेरी व्यक्तिगत संवेदना, अपूरणीय क्षति है यह...

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहते हैं, 'मशहूर पत्रकार कमाल खान जी का निधन बेहद कष्टप्रद है। पत्रकारिता जगत के लिए बहुत क्षति है उनका ना रहना। देर रात तक वो दायित्वों का निर्वहन करते रहे। सबसे वरिष्ठ होने के बाद भी फील्ड रिपोर्टिंग कभी नही छोड़ी। खबर पेश करने का उनका अंदाज देशभर में पत्रकारों को प्रेरित करता था। अलविदा।'

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया कहते हैं, 'मशहूर पत्रकार कमाल खान के निधन की खबर अत्यंत दुःखद और पीड़ादायी है। कल रात तक रिपोर्टिंग करने वाले कमाल खान अब हमारे बीच नहीं है ये बात मन मानने को तैयार नहीं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।'

समाजवादी पार्टी के ट्वीटर हैंडल से कमाल खान को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया गया है, 'अत्यंत दुखद! एनडीटीवी के वरिष्ठ संवाददाता जनाब कमाल खान साहब का इंतक़ाल, अपूरणीय क्षति।दिवंगत आत्मा को शांति दे भगवान। शोकाकुल परिजनों के प्रति गहन संवेदना। भावभीनी श्रद्धांजलि।'

पत्रकार सोहित शर्मा लिखते हैं, 'कमाल खान सर अपने आप में एक किताब थे। उन्हें देख ना जाने कितने लोगों ने सहज तरीके से रिपोर्ट करने की प्रेरणा ली। हर चीज़ को अलग नज़रिए और अपने अलग अंदाज में बताकर कमाल खान सर ने हम सभी के दिलों में एक अलग जगह बनाई। तीन दशक से ज़्यादा समय तक उन्होंने हम सभी के दिलों पर राज किया...'

कांग्रेस के यूथ नेशनल प्रेसीडेंट श्रीनिवास बीवी कहते हैं, 'यकीन से परे है, लेकिन क्या ये वाकई सच है? कमाल खान सिर्फ नाम नही, बल्कि पत्रकारिता जगत की वाकई एक कमाल शख्सियत थे ।।ॐ शांति !!'

पत्रकार नवीन कुमार कहते हैं, 'पत्रकारिता की एक पाठशाला ठप पड़ गई। कहन की एक काव्यशैली बिला गई। एनडीटीवी के कमाल खान हमारे बीच नहीं रहे। यह भारी शोक का समय है। श्रद्धांजलि।'

 

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