MSP को लेकर केंद्र का बड़ा कदम, न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों की अन्य मांगों को लेकर बनाई कमेटी

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि जीरो बजट आधारित कृषि को बढ़ाना देने, फसल का पैटर्न बदलने और न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य यानी एमएसपी को अधिक प्रभावी-पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति का गठन किया गया है.

नई दिल्‍ली : 

केंद्र सरकार ने न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) को लेकर बड़ा कदम उठाया है. एमएसपी और किसानों की अन्‍य मांगों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है. कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि जीरो बजट आधारित कृषि को बढ़ाना देने, फसल का पैटर्न बदलने और न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य यानी एमएसपी को अधिक प्रभावी-पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी पर कानूनी गारंटी समेत तमाम लंबित मांगों को लेकर फिर से किसान आंदोलन की चेतावनी दी है. वहीं केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि 

समिति के अध्‍यक्ष, पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल हैं. इसमें नीति आयोग के सदस्‍य रमेश चंद, कृषि अर्थशास्‍त्री डॉ. सीएससी शेखर व डॉ सुखपाल सिंह, राष्‍ट्रीय स्‍तर पर पुरस्‍कारा विजेता किसान भारत भूषण त्‍यागी, किसानों के प्रतिनिधि संयुक्‍त किसान मोर्चा के तीन सदस्‍य (नाम आने पर जोड़े जाएंगे), अन्‍य किसान संगठनों के सदस्‍य, गुणवंत पाटिल, कृष्‍णवीर चौधरी, प्रमोद कुमार चौधरी, गुणी प्रकाश, सैयद पाशा पटेल शामिल हैं.

किसान सहकारिता/समूह के प्रतिनिधि दिलीप संघानी, विनोद आनंद, सीएसीपी के वरिष्‍ठ सदस्‍य नवीन पी सिंह, कृषि विवि/संस्‍था के वरिष्‍ठ सदस्‍य डॉ. पी चंद्रशेखर, डॉ. जेपी शर्मा, डॉ. प्रदीन कुमार बिसेन और भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर सचिव, कृषि व किसान कल्‍याण विभाग, सचिव कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग और महानिदेशक, सचिव सहकारिता विभाग व सचिव वस्‍त्र मंत्रालय इसमें शामिल हैं.

राज्‍य सरकारों के प्रतिनिधि के  तौर पर अपर मुख्‍य सचिव/प्रमुख सचिव/आयुक्‍त कृषि कर्नाटक, अपर मुख्‍य सचिव/प्रमुख सचिव/आयुक्‍त कृषि आंध्र, अपर मुख्‍य सचिव/प्रमुख सचिव/आयुक्‍त कृषि सिक्किम और अपर मुख्‍य सचिव/प्रमुख सचिव/आयुक्‍त कृषि ओडिशा को इसमें स्‍थान मिलेगा.

 

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