LPG सब्सिडी बंद कर सरकार ने बचाए 11,654 करोड़:2021-22 में सरकार ने दी सिर्फ 242 करोड़ की सब्सिडी, एक साल पहले ये रकम 11,896 करोड़ थी
रसोई गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी को सरकार धीरे-धीरे खत्म कर रही है। सब्सिडी बंद करके सरकार ने अपने खजाने में करोड़ों रुपए जमा किए हैं। 2020-21 में केंद्र सरकार ने LPG सब्सिडी के रूप में 11,896 करोड़ रुपए खर्च किए थे, वहीं 2021-22 में यह खर्च घटकर महज 242 करोड़ रुपए रह गया है। इस तरह सब्सिडी को खत्म कर सरकार ने सिर्फ एक वित्त वर्ष में ही 11,654 करोड़ रुपए बचा लिए।
4 साल में 23,464 करोड़ से 242 करोड़ पर आई
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वित्तवर्ष 2017-18 में LPG सब्सिडी पर 23,464 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 37,209 करोड़ रुपए पहुंच गया। इसके बाद सरकार ने लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील की और करोड़ों ग्राहकों ने इस अपील पर सब्सिडी छोड़ दी, जिससे वित्तवर्ष 2019-20 में सरकार का खर्च घटकर 24,172 करोड़ पर आ गया।
2020-21 में इसमें करीब 50% से ज्यादा की गिरावट आई और सब्सिडी का खर्च घटकर 11,896 करोड़ रुपए रह गया। इसके बाद 2021-22 में यह खर्च घटकर महज 242 करोड़ रुपए रह गया है।
जून 2020 से सिर्फ उज्ज्वला योजना वालों को मिल रही सब्सिडी
जून 2020 में सरकार ने फैसला किया था कि गैस सिलेंडर पर सब्सिडी सिर्फ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को ही दी जाएगी। इससे सब्सिडी पाने वाले लोगों की संख्या में भरी कमी आई है। सरकार ने PMUY लाभार्थियों के लिए एक साल में 12 रीफिल तक के लिए 200 रुपए प्रति सिलेंडर की सब्सिडी शुरू की है। सिलेंडर पर सब्सिडी लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
1 साल में 218.50 रुपए महंगा हुआ गैस सिलेंडर
दिल्ली में 23 जुलाई 2021 को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 834.50 रुपए थी, जो अब 1053 रुपए पर पहुंच गई है। यानी बीते एक साल में घरेलू गैस सिलेंडर कीमत 218.50 रुपए बढ़ी है। इस पर मिलने वाली सब्सिडी भी खत्म कर दी गई है।
भारत में लगभग 30 करोड़ लोगों के पास LPG कनेक्शन है। इसमें उज्ज्वला योजना के तहत 9 करोड़ से ज्यादा LPG कनेक्शन शामिल हैं।

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