देश के 6 राज्यों में उपचुनाव : दांव पर लगी है कई पार्टियों की प्रतिष्ठा
नई दिल्ली | देश के छह राज्यों में लोकसभा की तीन और विधानसभा की सात सीटों पर उपचुनाव के तहत आज मतदान हो रहा है. देश के छह राज्यों में हो रहे इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.
देश के विभिन्न राज्यों में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव गुरुवार को शुरू हुआ जिसमें दिल्ली, झारखंड, आंध्र प्रदेश और त्रिपुरा की विधानसभा सीट शामिल हैं. इन 7 विधानसभा सीटों में त्रिपुरा की अगरतला, टाउन बोरदोवाली, सूरमा, जुबराजनगर, झारखंड की मांडर विधानसभा सीट, दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट और आंध्र प्रदेश के आत्माकुर विधानसभा सीट हैं.
लोकसभा की तीन सीटों में उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट और पंजाब के संगरूर की सीटों पर चुनाव हो रहा है. उत्तर प्रदेश में दो लोक सभा सीटों आजमगढ़ और रामपुर में मतदान हो रहा है. पंजाब में एक लोक सभा सीट संगरूर में वोट डाले जा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश की आज़मगढ़ सीट सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी और रामपुर संसदीय सीट पर सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के इस्तीफे के बाद खाली हुई जिस पर आज उपचुनाव हो रहा.
अखिलेश यादव और आजम खान दोनों इसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए थे और उन्होंने विधायक बने रहने के लिए लोक सभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. ये दोनों ही सीट समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाते हैं, इसलिए इन पर सपा और अखिलेश यादव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन दोनों ही सीटों पर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में सभाएं कीं वहीं. हालांकि, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक भी चुनावी रैली में हिस्सा नहीं लिया.
अखिलेश ने कन्नौज में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया था कि उनकी पार्टी ये दोनों सीटें भारी मतों से जीत रही. चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित किया. वह इससे पूर्व आजमगढ़ में चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं.
पंजाब में भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने के बाद संगरूर लोक सभा सीट खाली हुई थी जिस पर आज उपचुनाव हो रहा. इसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड बहुमत के साथ जीत हासिल कर पंजाब में सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी के लिए यह सीट जीतना जरूरी हो गया है, क्योंकि उनके मुख्यमंत्री की पुरानी सीट होने होने के कारण यहां पर उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है.
2022 के विधानसभा चुनाव में संगरूर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली विधानसभा की सभी 9 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की थी और वह लोकसभा चुनाव में भी जीत की कोशिश में हैं. हालांकि कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल यहां काफी मेहनत कर रहे हैं.
दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला आप और भाजपा के बीच में है.
त्रिपुरा में 4 सीटों पर हो रहे उपचुनाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है. त्रिपुरा में चार विधानसभा क्षेत्रों -अगरतला, टाउन बोरदोवाली, सूरमा, जुबराजनगर पर मतदान हो रहे.
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव होने में अभी आठ महीने की देरी है और उससे पूर्व हो रहे इस उपचुनाव काफी महत्वपूर्ण हैं. सबसे महत्वपूर्ण टाउन बोरदोवाली विधानसभा क्षेत्र है, जहां से मुख्यमंत्री माणिक साहा चुनाव लड़ रहे हैं.
त्रिपुरा की सत्तारूढ़ भाजपा के लिए इस चुनाव में जीत हासिल करना उनकी साख बचाने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
झारखंड और आंध्र प्रदेश में भी एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव के तहत मतदान जारी है.
झारखंड की मंडार विधानसभा सीट पर उपचुनाव में 3.54 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार के प्रयोग करेंगे जिनमें 1.75 लाख महिलाएं हैं.
झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस पार्टी एसटी के लिए आरक्षित सीट को बचाने के प्रयास में है.
इस उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार देव कुमार धान के बीच मुकाबला माना जा रहा है.

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