चीफ जस्टिस ने राजनीतिक दलों पर कसा तंज:बोले- पार्टियां चाहती हैं कोर्ट उनके एजेंडे का सपोर्ट करे; हम सिर्फ संविधान के प्रति जवाबदेह
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एनवी रमना ने न्यायपालिका को पूरी तरह से स्वतंत्र और संविधान के प्रति जवाबदेह बताया है। CJI ने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा- सत्ताधारी पार्टी का मानना है कि हर कार्रवाई में कोर्ट उनके हक में फैसला करे, वहीं विपक्षी दल भी न्यायपालिका से अपने एजेंडे को बढ़ाने की उम्मीद करते हैं। CJI ने ये बातें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक सम्मान समारोह के दौरान कहीं।
CJI ने संस्थानों को लेकर जताई निराशा
चीफ जस्टिस ने देश के अलग-अलग संस्थानों की भूमिकाओं पर भी निराशा जाहिर की है। CJI ने कहा कि आजादी के 75 साल हो गए हैं, लेकिन अभी भी लोग संविधान की तरफ से अलग-अलग संस्थानों को सौंपी गई भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को नहीं समझ पाए हैं।
गांव के लोगों की तारीफ की
चीफ जस्टिस ने कहा कि भारत के लोगों ने अब तक बहुत ही अच्छे काम किए हैं। हमारे पास उनकी बुद्धि पर शक करने का कोई कारण नहीं होना चाहिए। सबसे जरूरी बात है कि गांव के लोग ज्यादा एक्टिव हो गए हैं और अपने कर्तव्यों का पालन अच्छे से कर रहे हैं। भारत और अमेरिका दोनों अपनी डायवर्सिटी के लिए जाने जाते हैं, जिन्हें दुनिया में हर जगह सम्मान दिलाने की जरूरत है।
जस्टिस का काम राजनीतिक नहीं
चीफ जस्टिस ने अप्रैल में कहा था कि जस्टिस ब्रेयर का कहना है कि न्यायाधीश का काम राजनीतिक नहीं है। मैं इस स्टेटमेंट से पूरी तरह से सहमत हूं। एक बार जब हमने संविधान की शपथ ले ली, एक बार जब आप न्यायाधीश के रूप में काम करना शुरू कर देते हैं, तो राजनीति अब प्रासंगिक नहीं रह जाती। यह संविधान है, जो हमारा मार्गदर्शन करता है।

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