पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर ने की UP पुलिस की 6 FIR रद्द करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

नई दिल्ली | ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर ने यूपी पुलिस द्वारा उनपर दर्ज छह एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

दायर याचिका में प्रार्थना की गई है कि उक्त प्राथमिकी को दिल्ली में प्राथमिकी के साथ मर्ज किया जा सकता है जहां ज़ुबैर को पहली बार गिरफ्तार किया गया था.

पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ हाथरस, गाजियाबाद, मुज़फ्फरनगर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में कुल छह मामले दर्ज हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने सीतापुर एफआईआर में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी. बार & बेंच के अनुसार, सुदर्शन टीवी पर कार्यरत पत्रकार आशीष कुमार कटियार की शिकायत पर लखीमपुर खीरी का मामला पिछले साल सितंबर, 2021 में भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए के तहत दर्ज किया गया था. इस मामले में वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है.

महंत बजरंग मुनि, यति नरसिंहानंद और स्वामी आनंद स्वरूप के खिलाफ ट्वीट करने के बाद धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में सीतापुर में जुबैर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

बार & बेंच के अनुसार, पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर ने सभी 6 एफआईआर में अंतरिम जमानत की मांग की है. साथ ही उन्होंने छह मामलों की जांच के लिए यूपी सरकार द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन को भी चुनौती दी है.

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों में पत्रकार मोहम्मद जुबैर के विरुद्ध दर्ज सभी 6 मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था जिसका नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक (कारागार) प्रीतिंदर सिंह कर रहे हैं और इसमें एक सदस्य के रूप में पुलिस उप महानिरीक्षक अमित वर्मा हैं.

जुबैर पर दिल्ली में भी एक मामला दर्ज है जो 2018 में पोस्ट किये गए एक ट्वीट पर आधारित था, जिसमें 1983 की बॉलीवुड फिल्म, किसी से ना कहना का स्क्रीनशॉट था.

 

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