हमास सीजफायर के लिए तैयार:रिपोर्ट में दावा- 50 बंधक भी रिहा करेगा, इजराइल के सामने 3 दिन हमले बंद करने की शर्त
न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ ने कतर के अफसरों के हवाले से दावा किया है कि हमास सीजफायर के लिए राजी है। इसके लिए वो 50 बंधक भी रिहा करने के लिए तैयार हो गया है, लेकिन बदले में चाहता है कि इजराइली सेना 3 दिन हमले न करे।
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमास ने ये भी कहा है कि वो इजराइल को भी कुछ फिलिस्तीनी महिलाओं और बच्चों को रिहा करना होगा। इजराइल की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया है।
नेतन्याहू बोले- हमास के हत्यारे चाहे जहां छिप जाएं, हम खोज निकालेंगे

तेल अवीव. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को एक गाजा के करीब इजराइली सेना के एक मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर का दौरा किया। सैनिकों से बातचीत में इजराइली PM ने कहा- हमास के हत्यारों को ये समझ लेना चाहिए कि गाजा में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां हमारे सैनिक न पहुंच सकते हों।
नेतन्याहू ने आगे कहा- हमास कहता था कि इजराइली सेना गाजा में घुस तक नहीं सकती। हमने ये कर दिखाया। वो कहते थे कि हम शिफा हॉस्पिटल नहीं पहुंच सकते। हम वहां भी पहुंच गए। अब हमास को छिपने के लिए कोई जगह नहीं मिलेगी। हमारे दो लक्ष्य हैं। पहला- हमास को खत्म करना। दूसरा- अपने बंधकों को वापस लाना।
गाजा में पहली बार फ्यूल टैंकर पहुंचा
7 अक्टूबर को शुरू हुई इजराइल हमास जंग के बीच पहली बार एक फ्यूल टैंकर गाजा पहुंचा। इजिप्ट की न्यूज एजेंसी अल काहेरा के मुताबिक- यह टैंकर इजराइल की मंजूरी के बाद भेजा गया है। दूसरी तरफ- UN ने इस नाकाफी बताते हुए कहा- इससे कोई फायदा नहीं होगा। सिर्फ आधा टैंकर फ्यूल भेजा गया है।
इस बीच, इजराइल की सेना बुधवार तड़के गाजा के सबसे बड़े अल-शिफा हॉस्पिटल के अंदर घुस गई। अस्पताल के अंदर कुछ जगहों पर सैनिकों और हमास के लड़ाकों के बीच जंग जारी है। इजराइल ने हमास से सरेंडर करने को कहा है। इजराइल ने दावा किया था कि इसी अस्पताल के नीचे हमास का हेडक्वार्टर है। UN के मुताबिक, अस्पताल के अंदर मरीजों और स्टाफ को मिलाकर करीब 2300 लोग मौजूद हैं।
उधर इजराइल के रक्षा मंत्री ने मंगलवार को कहा कि सेना का उत्तरी गाजा पट्टी पर पूरी तरह से कंट्रोल हो चुका है। हालांकि हमास के लड़ाके जमीन के अंदर बनी सुरंग में छुपे हैं। हमने उन सुरंगों की पहचान कर ली है। इजराइल ने गाजा सिटी सेंटर और संसद पर भी कब्जा कर लिया है।

ट्रूडो के बयान पर भड़के नेतन्याहू, कहा- हमास को जिम्मेदार ठहराएं
दूसरी तरफ, कनाडा के PM ट्रूडो ने कहा कि गाजा में महिलाओं और बच्चों की हत्या हो रही है। पूरी दुनिया ये देख रही है। हम डॉक्टरों, मरने वालों के परिजनों और जो फिलिस्तीनी बच पाए हैं, उनकी बातें सुन रहे हैं। मैं इजराइल की सरकार से इसे रोकने की अपील करता हूं।
ट्रूडो के इस बयान से PM नेतन्याहू नाराज हैं। उन्होंने कहा- हमास ने आम लोगों का सिर काटकर, उन्हें जलाकर नरसंहार किया है, लेकिन हम ऐसा कुछ नहीं कर रहे। इजराइल की पूरी कोशिश है कि इस जंग से आम नागरिकों को दूर रखा जाए। हम फिलिस्तीनियों को सुरक्षित निकलने के लिए कॉरिडोर बना रहे हैं।
ट्रूडो ने कहा- हमास लोगों को बंदूक की नोक पर रोकने की कोशिश कर रहा है। वॉर क्राइम के लिए हमास को जवाबदेह ठहराना चाहिए। फिलिस्तीनियों को इस जंग में इजराइल का साथ देना चाहिए।
अमेरिका से दूर हो रहे अरब देश
इजराइल और हमास के बीच 40 दिनों से जंग जारी है। गाजा में अब तक 11,300 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं इजराइल में करीब 1200 लोगों ने जान गंवाई। ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली प्रधानमंत्री जंग के बाद भी गाजा पर अपना कब्जा चाहते हैं। इसकी वजह से अरब देश अमेरिका से दूर होते जा रहे हैं।
दरअसल, अमेरिका चाहता है कि फिलिस्तीन अथॉरिटी (PA) जंग के बाद गाजा का एडमिनिस्ट्रेशन संभाले, लेकिन नेतन्याहू न सिर्फ यहां पूरी तरह कब्जा चाहते हैं, बल्कि एडमिनिस्ट्रेशन भी अपने हाथ में चाहते हैं। अरब देशों को लगता है कि नेतन्याहू अब अमेरिका की बात भी मानने को तैयार नहीं हैं।

इजराइली संसद पहुंचे बंधकों के परिजन
हमास की कैद में करीब 240 बंधक हैं और इन सभी को गाजा में किसी जगह रखा गया है। इनके परिजन इजराइली संसद नीसेट पहुंचे। यहां उन्होंने संसद की अलग-अलग कमेटियों से मुलाकात की। इस दौरान सभी की एक ही मांग थी कि उनके फैमिली मेंबर्स को जल्द से जल्द हमास की कैद से निकाला जाए। ज्यादातर लोग सरकार से पूछ रहे थे कि वो बंधकों की रिहाई के लिए क्या कदम उठा रही है।
दूसरी तरफ, इजराइल समेत अरब वर्ल्ड की कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि कतर और कुछ दूसरे अरब देश सीजफायर के लिए बैक चैनल बातचीत कर रहे हैं। दावा यह भी है हमास 70 बंधकों की रिहाई के लिए तैयार है, लेकिन बदले मे पांच दिन सीजफायर चाहता है।।
मैप के जरिए गाजा में इजराइल के जमीनी ऑपरेशन को समझें...

सुरंग में मिली कुर्सी, रस्सी, गार्ड्स के ड्यूटी चार्ट
इजराइल ने दावा किया है कि हमास ने गाजा में कंट्रोल खो दिया है। रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा कि आतंकवादी साउथ गाजा की ओर भाग रहे हैं। इस बीच, गाजा के ज्यादातर हॉस्पिटल्स और क्लिनिक में हालात बदतर होते जा रहे हैं। इजराइली सेना इन हॉस्पिटल के नीचे बने हमास के कमांड सेंटर्स को निशाना बना रही है।
सेना ने जब अल-शिफा हॉस्पिटल पर कब्जा कर सर्च ऑपरेशन चलाया तो यहां की सुरंग में एक कुर्सी, रस्सी, हथियार, मोटरसाइकिल, गार्ड्स के लिए ड्यूटी चार्ट जैसे कई सामान बरामद हुए। इसके अलावा यहां मेकशिफ्ट टॉयलेट, किचन और वेंटिलेशन पाइप भी मौजूद थे। सेना ने बताया कि हमास की सुरंगों के दरवाजे बुलेटप्रूफ हैं और ये सुरंग अस्पताल के नीचे मौजूद है।
वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन (WHO) ने बताया कि 7 अक्टूबर से अब तक 36 हेल्थ फेसिलिटीज, जिसमें 22 हॉस्पिटल शामिल हैं, को जंग में भारी नुकसान पहुंचा है। बड़े हॉस्पिटल अल शिफा, अल-नासेर हॉस्पिटल, रनतीसी हॉस्पिटल, अल-कुद्स हॉस्पिटल, अल-अहली हॉस्पिटल में पावर सप्लाई नहीं होने से मरीजों के इलाज में दिक्कत हो रही है

इजराइली सेना ने अस्पताल खाली करने को कहा, डॉक्टरों का इनकार
इजराइली सेना ने अल-शिफा अस्पताल को खाली करने की अपील की है। हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों ने इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि अगर वे इस जगह को छोड़ देंगे तो लगभग 700 मरीज मर जाएंगे। दरअसल, इजराइली रक्षा बल ने अस्पताल को खाली करने के लिए कहा था।

बाइडेन बोले- अस्पताल की सुरक्षा जरूरी
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अल-शिफा अस्पताल पर हमले को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा- मुझे उम्मीद है कि अस्पतालों पर हमले से बचा जाएगा। उनकी सुरक्षा जरूरी है। हम इसको लेकर इजराइलियों के संपर्क में हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को जंग में शामिल सेना के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। PM ने कहा कि यह कोई ऑपरेशन नहीं है, बल्कि अंत तक युद्ध है। नेतन्याहू ने कहा- अगर हम इन्हें खत्म नहीं करेंगे तो ये वापस आ जाएंगे।

गाजा में हर दस मिनट में एक बच्चे की मौत
गाजा में इजराइल का जमीनी ऑपरेशन जारी है। इस बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी WHO के चीफ ने UNSC को बताया है कि इजराइली बमबारी से गाजा में हर दस मिनट में एक बच्चे की मौत हो रही है। जंग में अब तक गाजा के 11 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है। मरने वालों में 4506 बच्चे हैं।
इजराइल ने 7 अक्टूबर को हमास के हमले में मरने वाले लोगों की संख्या घटा दी है। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पहले 1400 लोगों के मारे जाने की जानकारी थी, लेकिन ये संख्या 1200 है।
इजराइल-हमास जंग की 5 अहम तस्वीरें...




'अल-अक्सा फ्लड' के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन 'सोर्ड्स ऑफ आयरन'
हमास ने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को 'अल-अक्सा फ्लड' नाम दिया है। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ 'सोर्ड्स ऑफ आयरन' ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।
वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।
इजराइल और फिलिस्तीन के बीच क्यों है विवाद?
मिडिल ईस्ट के इस इलाके में यह संघर्ष कम से कम 100 साल से चला आ रहा है। यहां वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और गोलन हाइट्स जैसे इलाकों पर विवाद है। फिलिस्तीन इन इलाकों समेत पूर्वी यरुशलम पर दावा जताता है। वहीं, इजराइल यरुशलम से अपना दावा छोड़ने को राजी नहीं है।
गाजा पट्टी इजराइल और मिस्र के बीच में है। यहां फिलहाल हमास का कब्जा है। ये इजराइल विरोधी समूह है। सितंबर 2005 में इजराइल ने गाजा पट्टी से अपनी सेना वापस बुला ली थी। 2007 में इजराइल ने इस इलाके पर कई प्रतिबंध लगा दिए। फिलिस्तीन का कहना है कि वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना हो।

ये खबर भी पढ़ें...
अल-अक्सा मस्जिद में इजराइली पुलिस ने नमाजियों को गिरफ्तार किया; हमास ने कहा- कीमत चुकानी पड़ेगी

इजराइल में यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में पुलिस और फिलिस्तीनियों की बीच झड़प हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया और उन पर पवित्र मस्जिद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, कुछ फिलिस्तीनियों ने खुद को पटाखों, लाठी और पत्थरों के साथ मस्जिद में बंद कर लिया था और बाहर बैरिकेडिंग लगा दी थी।

0 comments