अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों के बीच केरल में सैन्य भर्ती परीक्षा की मांग को लेकर एक और प्रदर्शन शुरू
देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे ‘अग्निपथ’ (Agnipath) विरोधी आंदोलन के बीच, सैकड़ों युवाओं ने केरल (Kerala) में एक और प्रदर्शन शुरू करते हुए सेना में भर्ती के लिए लंबित लिखित परीक्षा जल्द से जल्द कराने की मांग को लेकर तिरुवनंतपुरम और कोझीकोड में विशाल विरोध रैलियां निकालीं.
तिरुवनंतपुरम:
देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे ‘अग्निपथ' (Agnipath) विरोधी आंदोलन के बीच, सैकड़ों युवाओं ने केरल (Kerala) में एक और प्रदर्शन शुरू करते हुए सेना में भर्ती के लिए लंबित लिखित परीक्षा जल्द से जल्द कराने की मांग को लेकर तिरुवनंतपुरम और कोझीकोड में विशाल विरोध रैलियां निकालीं. विरोध करने वाले युवाओं में वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने अपनी शारीरिक और चिकित्सकीय फिटनेस परीक्षा को पहले ही उत्तीर्ण कर लिया था और सेना की सामान्य प्रवेश परीक्षा की पिछले दो वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हैं. उनमें से कई लोगों ने चिंता व्यक्त की कि अग्निपथ योजना के कार्यान्वयन से सैन्य सेवा में सीधी भर्ती की उनकी संभावना नष्ट हो जाएगी.
सेना में नौकरी पाने के इच्छुक लोग सुबह शहर के मध्य स्थित थंपनूर में एकत्र हुए और उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के आधिकारिक आवास राजभवन तक रैली निकाली. हाथ में बैनर एवं तख्तियां थामे इन लोगों ने ‘‘हम न्याय चाहते हैं'' के नारे लगाएं. पुलिस ने आंदोलनकारी युवाओं को जब राजभवन के पास अवरोधक लगाकर रोक दिया, तो वे सड़क पर बैठ गए और लिखित परीक्षा में अत्यधिक देरी को लेकर अपना विरोध और निराशा व्यक्त करने के लिए उन्होंने ‘पुश-अप' व्यायाम किया.
प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि उनके प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता. उसने कहा, ‘‘हममें से कई लोगों ने सेना में भर्ती होने का फैसला किया और अपनी स्नातक की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने के बाद परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. अगर केंद्र इस योजना को आगे बढ़ाता है तो हम क्या करेंगे? हमारा भविष्य खतरे में पड़ जाएगा, इसलिए हम न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.''
कोझिकोड में, पहले ही अपनी शारीरिक और चिकित्सकीय फिटनेस परीक्षा पास कर चुके सैकड़ों युवा अग्निपथ योजना के मद्देनजर अपने भाग्य को लेकर चिंता व्यक्त करने के लिए कालीकट रेलवे स्टेशन के पास एकत्र हुए. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारी मालाबार (उत्तरी केरल) के विभिन्न हिस्सों से थे और उन्हें लिंक रोड पर रोक दिया गया था.
केंद्र सरकार ने मंगलवार को इस योजना की शुरुआत करते हुए कहा था कि साढ़े सत्रह साल से 21 साल तक की उम्र के युवाओं को संविदा के आधार पर चार साल के कार्यकाल के लिए थलसेना, वायुसेना और नौसेना में भर्ती किया जाएगा. सरकार ने कहा था कि रक्षा जरूरतों के आधार पर 25 प्रतिशत जवानों को नियमित सेवा के लिए बरकरार रखा जाएगा. ‘अग्निपथ' योजना को लेकर बढ़ते विरोध के मद्देनजर भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा बृहस्पतिवार को बढ़ाकर 23 साल कर दी गई थी.

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