Airports Authority of India : एएआई को अब भी 100 से अधिक हवाई अड्डों के लिए खरीदने हैं सिंगल बॉडी स्कैनर

एएआई की वेबसाइट के मुताबिक वह देश में कुल 137 हवाई अड्डों का प्रबंधन करता है जिनमें 24 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, 10 कस्टम हवाई अड्डे और 103 घरेलू हवाई अड्डे शामिल हैं

नई दिल्ली: 

केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा देशभर में फैले अपने 100 से अधिक हवाई अड्डों पर सिंगल बॉडी स्कैनर लगाने के लिए उनकी खरीद की जानी बाकी है. यह जानकारी सरकारी अधिकारियों ने दी.  उल्लेखनीय है कि उड्डयन सुरक्षा नियामक बीसीएएस ने अप्रैल 2019 में आदेश दिया था कि मार्च 2020 तक 84 अति संवेदनशील और संवेदनशील हवाई अड्डों पर मौजूदा दरवाजे में लगे मेटल डिटेक्टर और हाथ में लेकर जांच किए जाने वाली स्कैनर प्रणाली और यात्री के सामान में धातु मिलने पर भौतिक जांच की प्रणाली हटाए.

नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने एक परिपत्र जारी कर कहा था, ‘‘यात्रियों के गुजरने वाले दरवाजे में लगे मेटल डिटेक्टर और हाथ से इस्तेमाल मेटल डिटेक्टर गैर धातु से बने हथियारों और विस्फोटकों का पता नहीं लगा सकते हैं. बॉडी स्कैनर गैर धातु वास्तुओं के साथ शरीर में छिपाकर ले जाए जाने वाले सामान का भी पता लगा सकते हैं.'' अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि बीसीएएस के परिपत्र के बाद एएआई ने वर्ष 2020 में 63 हवाई अड्डों के लिए 198 बॉडी स्कैनर खरीदने के लिए निविदा जारी की. उन्होंने बताया कि तीन कंपनियों ने इसके लिए बोली भी लगाई लेकिन बाद में निविदा को रद्द कर दिया गया.

जब ‘पीटीआई-भाषा' ने निविदा रद्द करने के कारणों के बारे में पूछा तो एएआई के प्रवक्ता ने बताया कि यह ‘‘प्रशासनिक कारणों''से किया गया. हालांकि, प्रवक्ता ने प्रशासनिक कारणों के बारे में विस्तार से नहीं बताया. उन्होंने बताया कि बॉडी स्कैनर खरीदने के लिए नयी निविदा की प्रक्रिया इस समय ‘‘योजना के स्तर पर'' है. प्रवक्ता ने बताया कि खरीदे जाने वाले बॉडी स्कैनर किन हवाई अड्डों पर स्थापित किए जाएंगे इसका फैसला ‘‘निविदा (नयी) प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा.''

एएआई की वेबसाइट के मुताबिक वह देश में कुल 137 हवाई अड्डों का प्रबंधन करता है जिनमें 24 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (तीन सिविल एनक्लेव), 10 कस्टम हवाई अड्डे (चार सिविल एनक्लेव) और 103 घरेलू हवाई अड्डे शामिल हैं. बीसीएएस ने अप्रैल 2019 में जारी परिपत्र में 28 हवाई अडडों (जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर जैसे अशांत क्षेत्रों में स्थित हवाई अड्डों सहित) को अति संवेदनशील और 56 को संवेदनशील के तौर पर वर्गीकृत किया था.

 

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