दिल्ली, यूपी और हरियाणा में वायु प्रदूषण बढ़ा, टॉप 10 प्रदूषित शहरों में ज्यादातर NCR के

देश के सबसे प्रदूषित शहरों में टॉप-10 में ज्‍यादातर एनसीआर के शहर हैं. इनमें उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) पहले स्‍थान पर है, वहीं इसके बाद दूसरे स्‍थान पर हरियाणा का गुरुग्राम शामिल है.

नई दिल्ली : 

देश में सर्दियों की आहट के साथ ही प्रदूषण में भी इजाफा हो रहा है. दिल्‍ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्‍यों में वायु प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ गया है. यही कारण है कि देश के सबसे प्रदूषित शहरों में  टॉप-10 में ज्‍यादातर दिल्‍ली एनसीआर (Delhi NCR) के शहर हैं. इनमें उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) पहले स्‍थान पर है, वहीं इसके बाद दूसरे स्‍थान पर हरियाणा का गुरुग्राम शामिल है.सबसे ज्‍यादा प्रदूषित दस शहरों में हरियाणा के पांच, उत्तर प्रदेश के तीन शहरों के साथ राजस्‍थान और गुजरात के एक - एक शहर शामिल हैं. यह सभी शहर ऐसे हैं जहां रहने वाले ज्‍यादातर लोगों को लंबे समय तक प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्‍कत की समस्‍या हो सकती है. 

देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पहले स्‍थान पर मौजूद ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक 288 है, इसके बाद क्रमश: गुरुग्राम 274, मानेसर 269, गाजियाबाद 268 और मुरादाबाद 264 रिकॉर्ड किया गया है. इन सभी शहरों में वायु की गुणवत्ता खराब पाई गई है. 

आज सुबह के आंकड़ों के मुताबिक, देश में 25 ऐसे शहर हैं, जहां की वायु गुणवत्ता खराब पाई गई है. इनमें से 12 शहर अकेले उत्तर प्रदेश के हैं. इसके साथ ही हरियाणा के 10 शहर इस सूची में खराब वायु गुणवत्ता के कारण शामिल किए गए हैं. 

ऐसे समझिए वायु गुणवत्ता सूचकांक को 
वायु गुणवत्ता सूचकांक में प्रदूषण का स्‍तर 0-50 तक होने पर न्‍यूनतम प्रभाव होता है. इसके बाद 51-100 तक संतोषजनक लेकिन संवेदनशील लोगों को सांस लेने में परेशानी, 101-200 तक मध्‍यम जिसमें  फेफड़ों, अस्‍थमा और ह्रदय रोगों से पीड़ित लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है. इसके बाद 201-300 तक खराब स्थिति होती है, जिसके लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. वहीं 301-400 तक बेहद खराब स्थिति होती है, जिसके लंबे समय तक संपर्क में आने से सांस लेने से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं. वहीं 401-500 का स्‍तर बेहद गंभीर माना जाता है, जिसमें पूर्ण रूप से स्‍वस्‍थ लोग भी प्रभावित होते हैं और यह मौजूदा बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. 

 

 

 

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