प्रसाद खाया तो इसार को पीटा, नाखून उखाड़े, मार डाला
नई दिल्ली:पहले प्रसाद खाया तो इसार को पीटा, नाखून उखाड़े, मार डाला उसने प्रसाद खा भी लिया तो क्या जान से मार देंगे, प्रसाद खा लिया तो नाखून उखाड़ देंगे। वो घर लौटा तो तड़प रहा था, सिर से खून बह रहा था। इतना क्यों पीटा, खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।’ इसार की बहन उज्मा ये बताते हुए गुस्से और दुख से रोने लगती है। दिल्ली के नंदनगरी में 26 सितंबर को चोरी के शक में इसार को 7 लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला। आरोपियों में एक नाबालिग भी है।
दैनिक भास्कर के अमित पांडेय की रिपोर्ट के अनुसार इसार के पिता अब्दुल वाजिद इलाके में फल बेचते हैं। वे रोते हुए भास्कर को बताते हैं, ‘मेरी बांहों में उसका बेजान शरीर था। उसने इशारों से पानी मांगा। कुछ घूंट पीए थे कि सांसें थम गईं।’ कहते-कहते अब्दुल फिर रोने लगते हैं। उधर, नाबालिग आरोपी की मां ने कैमरे पर दावा किया कि सिर्फ पैर पर डंडे मारे गए थे, इससे मौत नहीं हो सकती।
पुलिस की कहानी के मुताबिक, इसार ने घर के पास ही एक गणेश पंडाल से कथित तौर पर मूर्ति के सामने से कुछ रुपए और प्रसाद उठा लिए थे। पंडाल से निकल रहा था, तभी पैर में तार उलझा और पंखा बंद हो गया। इसके बाद वहां सो रहे आरोपी जाग गए। इन लोगों ने इसार को पकड़ लिया, उसे एक खंभे से बांधकर बुरी तरह पीटा।
इसार किसी तरह अपने घर तो पहुंच गया, लेकिन देर शाम उसकी मौत हो गई। इसी पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो को लोग हिंदू-मुस्लिम के एंगल से भी शेयर करने लगे।
7 आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग और एक मुस्लिम
इसार की हत्या के केस पर DCP नॉर्थ जॉय टिर्की ने बताया, ‘नंदनगरी थाने में धारा 302 (हत्या) और 304 (गैर इरादतन हत्या) की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इसार को पंडाल में पकड़ा था, वो कोई जवाब नहीं दे पाया। हमने उसे चोर समझकर पीटा था।’
इस मामले में नंदनगरी पुलिस ने अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी कस्टडी में लिया है। आरोपी यूनुस गाजियाबाद की गरिमा गार्डन कॉलोनी का रहने वाला है, बाकी सभी सुंदर नगरी के हैं। 7वां आरोपी नाबालिग है, वह भी सुंदर नगरी का है।
पुलिस ने बताया, ‘आरोपियों में कमल नाम का एक शख्स शामिल है, जो डीजे चलाता है। कमल का भाई मनोज और साथ काम करने वाला यूनुस, टेंट हाउस में काम करने वाला किशन, मोमोज का स्टॉल लगाने वाला लकी और फैक्ट्री में मजदूरी करने वाला पप्पू भी इस केस में आरोपी हैं।
’इसार की बहन बोली- क्या भगवान ने किसी को ऐसे मारने को कहा है
इसार केस की छानबीन के लिए भास्कर सुंदर नगरी की तंग गलियों में पहुंचा। इसार के घर के पास ही गणेश उत्सव का पंडाल बना था। घर के आसपास सन्नाटा है।
4 बहनों में इसार इकलौता भाई था। उनकी बहन उज्मा बताती हैं, ‘भाई 26 सितंबर की सुबह 5 बजे के आसपास घर से निकला था। हमें ज्यादा मालूम नहीं, लोग कह रहे हैं कि उसने पंडाल से प्रसाद और रुपए चुराए थे। उसने किसी से लड़ाई नहीं की थी। वो तो किसी से ज्यादा मतलब भी नहीं रखता था।’
उज्मा भाई के बारे में बताते हुए रोने लगी। इसी दौरान पास में खड़ी एक महिला जोर-जोर से गुस्से में चिल्लाने लगी, ‘वो (इसार) दिमागी तौर पर कमजोर था। प्रसाद ही तो उठाकर खाया था, इसका ये मतलब तो नहीं कि किसी को जान से मार दोगे। गलती की थी तो 2-4 थप्पड़ मारकर छोड़ देते। प्रसाद खाना तो अच्छी बात हुई न। भगवान भी नहीं कहते कि किसी को ऐसे मारो।’
पिता बोले- बेटे ने मरने से पहले बताया था पीटने वाले कहां रहते हैं
इसार की बहन उज्मा बात करने की हालत में नहीं थी। इसके बाद हमारी मुलाकात इसार के पिता अब्दुल वाजिद से हुई। उन्होंने बताया, ‘शाम को घर लौटा तो इसार खून से लथपथ पड़ा था। ठीक से बोल नहीं पा रहा था। किसी तरह बोला कि कुछ लोगों ने चोर समझकर बांध दिया और पीटा।’
वाजिद आगे बताते हैं, ‘G-ब्लॉक में लगे गणेश पंडाल से इसार ने प्रसाद खाया था। एक वीडियो भी देखा है जिसमें इसार को कुछ लड़के खंभे से बांधकर लाठी-डंडों से पीट रहे हैं। हमें पता चला कि पीटने वाले लड़कों में से एक ने ही ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाल दिया है।’
फल का ठेला लगाते इसार के पिता, उसी से घर चल रहा
इसार के पिता वाजिद फल का ठेला लगाते हैं। उसी से घर का खर्च चलता है। वाजिद ने कहा, ‘इसार बहुत सीधा था। कोई सामान उठाने के लिए 50 रुपए दे देता, तो उसी में खुश हो जाता। ऐसे ही छोटे-मोटे काम करके अपना खर्च निकालता था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, फिर भी उसे मार दिया। बेटे के साथ ऐसा होगा, यह कभी सोचा भी नहीं था।’
चश्मदीदों ने बताया- आरोपी ने वीडियो बनाया, सोशल मीडिया पर डाला
इसके बाद हम उस जगह पहुंचे जहां इसार को बांधकर पीटा गया था। पास में ही रहने वाले एक शख्स ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, ‘एक आरोपी कमल ने ही इसार की पिटाई का वीडियो बनाया था। उसी ने सोशल मीडिया पर वीडियो डाला। कमल ऐसा नहीं करता तो शायद मामला इतना नहीं बढ़ता।’
जिस खंभे से इसार को बांधा गया था, वहीं पास में गणेश पंडाल सजा है। आम दिनों में शाम को यहां आरती होती थी। लोगों की भीड़ जुटती थी, लेकिन अब सन्नाटा है। खंभे के पास के ही घर में चंद्रवती रहती हैं।
पिटाई के बाद घिसट-घिसट कर घर जा रहा था...
चंद्रवती ने बताया, ‘सुबह करीब 5 बजे घर से बाहर निकली तो भीड़ एक युवक को पीट रही थी। उसे करीब एक घंटे तक पीटा। बाद में सभी छोड़कर चले गए। उसे काफी चोट लगी थी। खून बह रहा था, किसी तरह घिसट-घिसट कर गली से बाहर की तरफ जा रहा था।’
गली के ज्यादातर लोग इस घटना पर कुछ नहीं बोलना चाहते। कई परिवारों ने तो कैमरे के सामने बात करने से मना कर दिया। फिर एक महिला आगे आईं। उन्होंने बताया, ‘मैं आपको सब कुछ बताती हूं कि उस दिन क्या हुआ था।’ ये वही महिला थीं, जिनका नाबालिग बेटा केस में आरोपी है। महिला की पहचान हम उजागर नहीं कर रहे हैं।
भीड़ में मेरा बेटा भी था, मां होने के नाते उसे थाने में छोड़कर आई हूं...
महिला ने बताया, ‘मेरा 17 साल का बेटा भी भीड़ में शामिल था। मैं खुद उसे थाने में छोड़कर आई हूं। मोहल्ले के बच्चों ने मिलकर गणेश की मूर्ति रखी थी। गणेश पंडाल में मेरा बेटा भी सो रहा था। अंधेरे में चोर (इसार) आया, वो चिराग से तेल फेंककर उसमें से पैसे निकाल रहा था। पैसे लेकर जाने लगा तो उसके पैर से पंखा बंद हो गया। पंडाल में सो रहे बच्चों की नींद खुली तो उसे पकड़ लिया। लड़कों को शक हुआ तो उसे पीटकर खंभे से बांध दिया।’
महिला ने आगे बताया, ‘गली से जो गुजर रहा था, खंभे से बंधे लड़के को पीट रहा था। मेरे नाबालिग बेटे ने भी उसके पैर पर 4-5 डंडे मार दिए। पैर पर डंडे मारने से किसी की जान नहीं जाती। उसने सिर में नहीं मारा था। मेरा मानना है कि किसी को मारना सही नहीं है, लेकिन चोर को तो सब मारते हैं।’
पड़ोसी रिक्शे में घर ले आया, काफी देर तक तड़पता रहा इसार
भीड़ की पिटाई के बाद इसार घिसटते हुए घर की तरफ जा रहा था। वह चलने की हालत में नहीं था। इसी दौरान इसार के पड़ोस में रहने वाले आमिर की उस पर नजर पड़ गई। दोपहर करीब 3 बजे आमिर ने एक रिक्शे में इसार को बैठाया और उसे घर छोड़ दिया।
इसार की बहनों ने बताया कि इसार घर पहुंचा, तो उसकी हालत खराब थी। हमें समझ ही नहीं आया कि क्या करें। 2 घंटे तक छोटी बहनें पिता के लौटने का इंतजार करती रहीं। हमने पिता वाजिद को बुलाया।
6 बजे पिता वाजिद पहुंचे। इसार को अस्पताल ले जा पाते, तब तक उसकी मौत हो गई। इसार के पिता पुलिस के पास जाने से भी घबरा रहे थे, लेकिन आसपास के लोगों ने समझाया तो वे तैयार हुए। मौत के करीब 4 घंटे बाद वाजिद ने पुलिस को कॉल किया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गहरी चोट का जिक्र
पुलिस ने इसार का पोस्टमॉर्टम कराया है। इसकी रिपोर्ट में है कि इसार की कमर, हाथ और पैर में गंभीर चोट आई थी। डॉक्टरों ने मौत की वजह शॉक और ब्रेन हेमरेज बताया है।
घटना में हिंदू-मुस्लिम वाला एंगल नहीं…
कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर घटना को हिंदू-मुस्लिम बनाने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस की छानबीन में अब तक धार्मिक हिंसा जैसा मामला होने का सबूत नहीं मिला है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में हिंदू-मुस्लिम की आबादी बराबर है। यहां विवाद जैसी स्थिति कभी नहीं बनी।
इसी गली में रहने वाले एक व्यक्ति ने कहा, ‘आप इस इलाके में घूमेंगे तो कई जगह गणेश भगवान की चौकी लगी हुई देखेंगे। कुछ जगह तो पंडाल मुस्लिमों के घर के बाहर ही लगा है। इसार की हत्या में एक मुस्लिम भी आरोपी है। हिंदू-मुस्लिम वाली बात अफवाह है।’

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