जबसे लिया है बिजली कनेक्शन तबसे देना होगा टैक्स, निगम प्रशासन का अजीबोगरीब फरमान

मुजफ्फरपुर : ( एशिया टाइम्स /ग़ज़नफर इकबालमुजफ्फरपुर ) नगर निगम ने व्यवसायियों और दुकानदारों को ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए नये नियामवली और दिशा निर्देश जारी किए हैं, बिना ट्रेड लाइसेंस के किसी भी प्रकार का कारोबार करने पर अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी, मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त विवेक रंजनमैत्रेई ने फरमान जारी किया है,इसमें  बिजली कनेक्शन को आधार बनाकर संबंधित उपभोक्ताओं को वाट्सएप के द्वारा नोटिस जारी किया गया है,जिन लोगों ने बिजली कनेक्शन कामर्शियल कैटेगरी में लिया उन सभी उपभोक्ताओं को उनके रजिस्टर्ड नंबर पर ट्रेड लाइसेंस से संबंधित  नोटिस जारी किया गया है,जिन उपभोक्ताओं का वाट्सएप नही है उन्हें कौल करके इस संबंध में बताया जा रहा हैतकरीबन सोलह हजार बिजली उपभोक्ताओं को पिछले महीने नोटिस जारी किया गया था जिसमें निगम कार्यालय में कैम्प लगाकर ट्रेड लाइसेंस जारी करने और टैक्स शुल्क जमा करने की व्यवस्था की गई थी,

जिसमें महज़ पांच सौ कारोबारी ही नगर निगम पहुंच कर अपने कारोबार का पंजीकरण करवा पाए, बहुत से व्यापारी एक मुश्त रकम अदा नहीं कर पाने की वजह से तो बहुत से जरूरी दस्तावेज नहीं रहने की वजह से पंजीकरण से वंचित रह गए, बहुत ऐसे भी थे जो निगम से टैक्स प्रणाली और आंकलन प्रकिया में संशोधन की उम्मीद लगाए थे, लेकिन निगम कर्मचारी पूर्व में तय मापदंडों के अनुसार ही टैक्स वसूली पर अडिग थे, निगम का कहना है के जबसे बिजली कनेक्शन लिया है तबसे अभी तक का जोड़कर टैक्स देना होगा, इसमें कहीं रियायत की कोई गुंजाइश नहीं है, व्यापारियों पर निगम द्वारा बनाए गए दबाव को लेकर नगरपालिका द्वारा गठित स्टैंडिंग कमेटी की एक बैठक 24 दिसंबर को हुई थी जिसमें 30 मार्च तक का समय देने और टैक्स निर्धारण करने की प्रक्रिया को संशोधित करने की बात रखी गई थी, लेकिन इस बैठक में नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेई अनुपस्थित थे,

इसलिए निगम पार्षदों की बात पर मोहर नहीं लग पाया, पार्षदों ने बहुत हद तक निगम पर दबाव बनाने की कोशिश भी की, हंगामा भी हुआ लेकिन एक बार फिर निगम कार्यालय द्वारा इस संबंध में सूचना भेज दी गई, इसमें कहा गया है कि वार्ड के जमादार स्वयं दुकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर पहुंच कर ट्रेड लाइसेंस निर्गत करने और टैक्स वसूली की प्रक्रिया को पूरा करेंगे, इसमें अभी एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है,निर्धारित समयावधि में पंजीकरण नहीं करवाने वालों पर कानूनी कार्रवाई कर जुर्माना लगाने की बात कही गई है,मुमकिन है कि निगम बोर्ड के अगले बैठक में दुकानदारों और व्यवसायियों को राहत देने को लेकर पार्षदों द्वारा नगर आयुक्त पर दबाव बनाया जाए, नगर विधायक विजेंद्र चौधरी ने भी व्यवसायियों के समर्थन में आवाज उठाई थी,

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