सोसाईटी फॉर ब्राइट फ्यूचर ने जोशीमठ में जारी राहत कार्य में मोर्चा संभाला

नई दिल्ली: उत्तराखंड के जोशीमठ में ज़मीन धंसने से मकान दरक रहे हैं। बड़े से बड़ा भूकंप इन मकानों की नींव नहीं हिला पाया लेकिन भू-धंसाव ने मकानों का नक्शा ही बदल कर रख दिया है। यहां सभी मकानों में दरारें आ गई हैं। बड़े पैमाने पर लोगो को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। 

जोशीमठ में पड़ रही दरारें और उससे बड़े पैमाने पर लोगों के हो रहे विस्थापन के मद्दे नज़र सोसाईटी फॉर ब्राइट फ्यूचर ( एस बी एफ़ ) राहत पहुंचाने के काम में जुट गयी है।वहाँ लोगों के विस्थापन और पुनर्वास की घड़ी में सोसाईटी फॉर ब्राइट फ्यूचर लोगों की मदद के लिये आगे आयी है।

सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जोशीमठ के सभी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहा है। इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सोसाइटी के वालंटीयर कोआर्डीनेटर आमिर जमाल कर रहे हैं। इसके अन्य सदस्यों में वसीम अहमद, देवसीश और गौरी भट सामिल हैं।

ये उन प्रभावित लोगों से मिल रहे हैं जिन्होंने इस आपदा में अपना घर खो दिया है। एसबीएफ की टीम ने बेघर हुये 25 परिवारों को कंबल भी बांटे। एस बी एफ़ के नोशनल कोआर्डीनेटर इरफान अहमद ने जोशीमठ की स्थिति पर गहरी चिंता प्रकट की है।


उन्होंने कहा कि सोसाईटी वहां की स्थिति पर गहरी नज़र रखे हुये है और उत्तराखंड राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करने को तत्पर है। राज्य के संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारियों के साथ बातचीत हुई है। एस बी एफ़ राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगं की मदद का हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंमे बताया कि एस बी एफ़ का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल गत 14 जनवरी से ही जोशी मठ के दौरे पर है और हालात पर पूरी नज़र बनाये हुये है। सरकार भी लोगों के राहत के लिए काम कर रही है और इस आपदा से प्रभावित 800 बेघर लोगों को होटलों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया गया है। 

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