दिल्ली मे रिहाईशी इलाको मे खुले नये शराब के ठेको से जनता परेशान!

दिल्ली सरकार शीघ्र समीक्षा करके इन ठेको को रिहाईशी इलाको से दूर खोले : फारूक सिद्दीकी

 

 नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों से दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली मे सभी 32 ज़ोन के कुल 272  वार्ड मे 849 शराब के  प्राईवट ठेके खुल रहे है, जिनमे काफी ठेके नयी जगहो पर खुले है और जो नये ठेके रिहाईशी इलाको मे खुले है वो स्थानीय निवासियो के लिये परेशानी का कारण बन गये है.

शिक्षा, रोज़गार और नशा मुक्ति पर काम करने वाले मशहूर समाज सेवी फारूक सिद्दीकी बताते है कि इन दिनों दिल्ली के लगभग हर ज़ोन मे स्थानीय निवासियों द्वारा रिहाईशी इलाको मे खुली इन नई शराब की प्राइवेट दुकानों के विरुद्ध समाज के हर वर्ग के नागरिको द्वारा लगातार प्रदर्शन हो रहे है जिसमे नागरिको के अलावा चुने हुए जन प्रतिनिधि व सभी पार्टियों के कार्यकर्ता दलगत राजनीति से उपर उठकर भाग ले रहे है.

  फारूक सिद्दीकी बताते है दिल्ली के विभिन्न इलाको जैसे मालवीय नगर, छतरपुर, चौहान बांगर, पुरानी दिल्ली, तुगलकाबाद व दर्जनों और स्थानों पर स्थानीय निवासी, आर डब्लू ए, सामाजिक और धार्मिक संघटन इन शराब की नई दुकानो को बंद करवाने के लिए दुकानो के आगे शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन और विभिन्न इलाको मे जन मार्च भी निकाल रहे है! फारूक सिद्दीकी जो खुद भी इस मुहिम से जुड़े है बताते है कि बहुत इलाको मे स्थानीय नागरिक इस विषय मे अपने चुने हुए प्रतिनिधियो के साथ इस मुहिम को आगे बड़ा रहे है जिसमे मालवीय नगर की स्थानीय  पार्षद डॉ नंदिनी शर्मा, चौहान बांगर के पार्षद चौधरी ज़ुबैर अहमद , एंड्रयूज़ गंज के पार्षद अभिषेक दत्त के नाम प्रमुख है.


फारूक सिद्दीकी बताते है इनमे कुछ शराब की दुकानो की जगह ऐसी चुनी गयी है जो यकीनी तौर पर बिलकुल भी उचित नही है और उनमे से ऐसी ही शराब का एक नया ठेका मालवीय नगर के रेजिडेंशियल  डी ब्लॉक मे खुला है इस ठेके के बिल्कुल सामने सिर्फ 10 फुट के फासले पर छोटे बच्चों के खेलने का खूबसूरत झूला पार्क है व एक अन्य स्केटिंग पार्क भी है और इस ठेके के बेहद नज़दीक् मे लक्ष्मी नारायण मंदिर, कोचिंग सेंटर, बैंक, मदर डेरी बूथ, सफल स्टोर, आई टी आई व अन्य सामाजिक केंद्र है जहाँ पर बच्चों,महिलाओ ,बुज़ुर्ग लोगो का दिन भर आना जाना लगा रहता है लेकिन अब इस ठेके के खुलने से सभी निवासी डरे सहमे रहते है और उनका उस सड़क पर निकलना भी मुश्किल हो गया है और सबको दूसरा रास्ता लेना पड़ रहा है ! दिल्ली मे  आये  दिन हो रही छेड़ छाड़ व झपट मारी  की वारदातो को देखते हुए महिलाओ मे इसको लेकर असुरक्षा की भावना ज़्यादा है ! क्षेत्र के लोगो ने इस विषय पर स्थानीय विधायक  सोमनाथ भारती को भी गुहार लगाई कि वो अपनी सरकार के इस तरह रिहाईशी इलाके मे शराब के ठेके के निर्णय की समीक्षा करवाये और इस ठेके को यहाँ से किसी अन्य गैर रिहाईशी जगह पर ले जाये, जिस पर विधायक सोमनाथ भारती ने शीघ्र ही  इस विषय का समाधान  निकालने का क्षेत्र के निवासयों से वादा किया है,ज्ञात हो विधायक सोमनाथ भारती का स्वयं का घर व दफ्तर भी इस ठेके के चंद कदम पर ही है! स्थानीय नागरिकों कहना है कि  सरकार और उसके संबंधित विभागों को इस तरह  रेसडेंशियल इलाके मे शराब का ठेका खुलवाने से पहले स्थानीय निवासियों और आर. डब्लू. ए को विश्वास मे लेना चाहिये व उनकी एन.ओ.सी मिलने पर ही लाइसेंस  इशू करने चाहिये.

 
फारूक सिद्दीकी ने कहा जहाँ एक और सरकारे और गैर सरकारी संस्थाएं नशा मुक्ति पर काम कर रही है और शराब पर पाबंदी या लिमिटेड सप्लाई की दिशा मे सभी सरकारो के कदम उठने चाहिये वही उसके विपरीत रिहायशी इलाको मे शराब के ठेको का खुलना शराब की खपत को बढाने की दिशा मे किया गया कदम लगता है जो समाजी और सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत संवेदनशील है! फारूक सिद्दीकी ने बताया की उन्होंने ऐसे शराब के ठेके के विषय मे दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर श्री अनिल बैजल के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी शिकायत की है जिसे मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित मंत्री /उप मुख्यमंत्री के माध्यम द्वारा कमिशनर एकसाइज को जाँच व उचित न्याय संगत कार्यवाही के आदेश दिये है! फारूक सिद्दीकी ने इस विषय पर लेफ्टिनेंट गवर्नर से मुलाकात का वक़्त माँगा है और आने वाले दिनों मे वो शीघ्र ही क्षेत्रीय महिलाओ, बुजुर्गो और बच्चों के साथ एल जी साहब से मिलेंगे .

 
फारूक सिद्दीकी कहते है क्योंकि ये सब नये ठेके दिल्ली सरकार के द्वारा खोले गए है इसलिए ठेको के विरुद्ध हो रहे धरने प्रदशनो मे आम आदमी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता बैक फुट पर आ गये हैं क्योंकि जहा भी वो ऐसे धरना प्रदर्शन मे शामिल होते है जनता सबसे पहले उन्ही से सवाल करती है कि आपकी दिल्ली सरकार ने इन ठेको को अनुमति व लाइसेंस क्यो दिया ! हालांकि अभी सब जगह आम आदमी पार्टी के एम एल ए और नेता अपने क्षेत्र के लोगों को अभी इसकी समीक्षा करवाने, ठेको को बंद करवाने या अन्य जगह शिफ्ट करने के आश्वसन देकर ही संभाल रहे है ! फारूक सिद्दीकी कहते है जनता की मांग सामाजिक है लेकिन आने वाले समय पर यदि इसका जल्दी समाधान नही निकला तो इससे आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार को कुछ इलाको मे राजनीतिक नुकसान भी पहुंच सकता है ! मयूनिसिपल चुनाव मे भी ज़्यादा वक़्त नही बचा है और उन्हे पूरी उम्मीद है दिल्ली सरकार इस विषय मे जल्द ही जनता की माँगो पर गौर करके जनता के हक मे फैसला लेकर सभी विवादित शराब के ठेको को रेसडेंशियल इलाको से दूसरी जगह पर शिफ्ट करेगी और जनता को इस समस्या से निजात दिलवायेगी.


फारूक  सिद्दीकी ने कहा दिल्ली के सभी विधायको को शुक्रवार 26 नवंबर को होने वाले दिल्ली विधान सभा के विशेष सत्र मे इस विषय को ज़ोरदार तरीके से उठाकर जनता की माँगो को ध्यान मे  रखते हुए रेजिडेंशियल  इलाको मे दिये गये  शराब की दुकानों के लाइसेंस निरस्त या दूसरे उचित स्थानो के लिए ट्रांसफर करने का आदेश पारित करवाना चाहिये.

1 comments

  • SS BATRA

    Yes that's true. Siddikiji u have very aptly described this serious issue. It really needs immediate attention, otherwise it will erode the voters strength enjoyed by the AAP in Delhi . .

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