“दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 400 पार अब हवा और जानलेवा हो गई है”
दिल्ली और उसके प्रदूषण के चर्चे नए नहीं है, वही हर साल की तरह मौजूद सरकार ने सवालो से मुंह मोड़ लिया। सरकार बड़ते प्रदूषण पर रोक नहीं लगा पा रही है, आज दिल्ली में AQI 450 पार रहा जो की काफ़ी हानिकारक स्तर माना जाता है।
केजरीवाल सरकार ने कई तरह की योजना बनाई तथा कोई हल नहीं निकला, बल्कि पिछले साल का रिकॉर्ड इस बार टूट गया और प्रदूषण 450 पार हो गया।
केजरीवाल सरकार ने योजना तो बनाई परंतु सभी योजना विफल रहीं। दिल्ली सरकार की योजना के कुछ उदाहरण-
- रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ
- ओड-ईवन रूल
- भारी वाहन की एंट्री पर पाबंदी
- पटाखों पर बैन, आदि
दिल्ली सरकार ने योजना तो बनाई परंतु यह सब विफल रही, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सरकार का ध्यान प्रदूषण कम करने में नहीं पर विज्ञापन पर ज़्यादा था।
एक RTI के माध्यम से पता चला है, केजरीवाल सरकार ने विज्ञापन पर 10 करोड़ “रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ” अभियान पर खर्च किए, ऐसे अन्य विज्ञापन केजरीवाल सरकार द्वारा दिए गये, यह अच्छा रहता केजरीवाल सरकार यह पैसा प्रदूषण कम करने पर लगाती, दिल्ली की जानता को राहत की सांस मिलती।
प्रदूषण का स्तर 450+ है जो कि बहुत ही हानिकारक एवं जानलेवा है, यह बढ़ता प्रदूषण अस्थमा, लंग इन्फेक्शन, लंग कैंसर, गला दर्द आदि जैसे रोगो को जन्म देता है। दिल्ली में सांस लेना और दिन में 10-12 सिगरेट पीना बराबर माना जा रहा है।
दिल्ली सरकार को तुरंत बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए योजना बनानी चाहिए, दिल्ली की हवा बहुत ही जानलेवा बन गई है।

0 comments