आयुष मंत्रालय ने जामिया हमदर्द में यूनानी चिकित्सा के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये मंज़ूर किये

नई दिल्ली : देश के विख्यात संस्थानों में एक जामिआ हमदर्द अपने शिक्षण व शोध के मानको में उत्कृष्ट स्थान रखता है. इस क्रम  में जामिया हमदर्द के यूनानी चिकित्सा अध्यन  व शोध स्कूल  को आयूष  मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूनानी मेडिसिन का एक्सेलेंस सेंटर प्रदत्त किया गया । यह सम्मानित उपलब्धि आयूष  मंत्रालय, भारत सरकार  के "आयुर स्वास्थ्य  योजना के अंतर्गत दिया गया है जिसके लिए भारत सर्कार के आयूष  मंत्रालय द्वारा १० करोड़ की अनुग्रह राशि दी गयी है. इस परियोजना के अंतर्गत यूनानी चिकित्सा में यूनानी औषधियों के वैज्ञानिक पहचान , शुद्धता , मिलावट और उनके शरीर और रोगों पर होने वाले प्रभावों का अध्ययन वैज्ञानिकता की कसौटी पर कसने का प्रयास किया जाए गा.

यूनानी चिकित्सा देश ही नहीं दुनिया के अलग अलग देशों में सदियों से अपनी प्रासंगिकता के साथ रोगों के निदान और जनता की नैदानिक दिनचर्या का हिस्सा रही है। इस परियोजना के ज़रिये भारत में प्रयुक्त यूनानी द्रव्य गुण  का वृहद अध्ययन आधुनिक उपकरणों और संसाधनों द्वारा किया जाएगा जिस से इन दवाओं को शोध आधारित डाटा की सहायता से देश के स्वास्थ्य सेवाओं को और आम जान तक पहुचाने और इस चिकित्सा के विस्तृत लाभ को जनस्वास्थ्य मिशन में सम्मिलित किया जा सकेगा । डॉ.सईद अहमद , असोसिएट प्रोफेसर, फामाकोग्नॉसी व फाइटो केमिस्ट्री विभाग में कार्यरत हैं , वो इस परियोजना के संयोजक व मुख्य अन्वेषणकर्ता होंगे ,जिनके निर्देशन और वैज्ञानिक अर्हता के ज़रिये यूनानी चिकित्सकीय व औषधीय गुणों को विश्व स्तरीय बनाने में आशानुकूल सहयोग  मिलेगा।  जामिया हमदर्द  के कुलपति माननीय (डॉ.) प्रोफेसर मुहम्मद  अफ़्शार आलम ने डॉ. सईद अहमद और उनके सहयोगी शोधकर्ताओं की टीम को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की है की जामिया हमदर्द वर्तमान के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अथाह प्रयत्न करता रहेगा। तथा उन्होंने डॉ. सईद अहमद और उनकी टीम को बधाई दी।

डॉ. सईद अहमद ने जामिया हमदर्द के कुलाधिपति ,श्री हम्माद अहमद , कुलपति  प्रोफेसर (डॉ.) मुहम्मद अफ़शार  आलम व  रजिस्ट्रार श्री सय्यद सऊद अख़्तर का धन्यवाद करते हुए अपने सहयोगियों प्रोफेसर आरिफ़  ज़ैदी डीन, स्कूल ऑफ़ यूनानी मेडिकल एजुकेश ऐंड  रिसर्च  ,  डॉ. अनवर हुसैन खान , विभागाध्यक्ष फ़िजिओलोजी , डॉ. हिफज़ुल कबीर एवं डॉ. मुहम्मद अहमद का धन्यवाद किया जो उनकी शोध परियोजना के सह शोधकर्ता हैं. 

  जामिआ हमदर्द  के  कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) मुहम्मद अफ़शार  आलम ने प्रोजेक्ट को मंज़ूरी देने के लिए जामिया हमदर्द पैर उनके विस्वास के लिए  केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसन्धान परिषद्  और आयुष मंत्रालय, भारत सरकार को विशेष रूप से धन्यवाद दिया. .

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