निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधि नाकाम हुए तो खुद उठाया सड़क पुनर्निर्माण का जिम्मा
ग़ज़नफर इकबाल
मुजफ्फरपुर: जब मुजफ्फरपुर का चयन स्मार्ट सिटी के लिए हुआ था तब लोगों में खुशी और उत्साह की लहर थी, लोगों को उम्मीद थी के जल्द ही शहर को जलजमाव और टूटी-फूटी सड़कों से निजात मिलेगी, लेकिन स्मार्ट सिटी परियोजना का सुस्त और ढुलमुल रवैया जमीनी स्तर पर अभी कुछ खास काम नहीं कर पाया है,कमोबेश जलजमाव की समस्या शहर के अधिकांश क्षेत्रों में है,
तीन चार वर्षों से शहर में अच्छी बारिश होने की वजह से जलजमाव आमजन के लिए बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है लेकिन शहर के निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 45 की स्थिति सबसे बदतर हो गई है,इस इलाके की मुख्य बस्ती फ़ैज़ कौलनी, सादुल्लाह पुर और मालीघाट है,फ़ैज़ कौलनी की सड़क तो बिल्कुल ही जर्जर हो चुकी है, पिछले तीन चार वर्षों से बारिश के कारण सड़कों पर रेन कट बन गये है, सड़क मलबे में तब्दील हो चुकी है,आये दिन छोटे बड़े हादसे होते रहते हैं,
साईकिल मोटरसाइकिल तो खैर किसी तरह चल पा रही है लेकिन कार और औटो की आवाजाही बाधित है,कौलनी के प्रतिनिधि मंडल द्वारा निगम प्रशासन के उच्चाधिकारी, वार्ड प्रतिनिधि और नगर विधायक को मौखिक रूप से और ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया गया लेकिन समाधान के लिए कोई पहल नहीं किया गया, अंत में निदान की कोई उम्मीद न देख फ़ैज़ कौलनी के लोगों ने खुद ही सड़क के मरम्मती और पुनर्निर्माण का जिम्मा उठाया,जनसंचार के छात्र ख्वाजा नूरुल कौसैन, कारपोरेट मैनेजर रेहान अहमद और कोचिंग संचालक नसीम अहमद के पहल से कौलनी में सड़क का काम शुरू हो पाया,इन लोगों ने बैठक बुलाकर आम लोगों से राय विचार किया, स्वेच्छा से योगदान करने की सहमति बनी और फिर काम शुरू किया गया, सड़क के दोनों ओर गढ्ढे को भरना है,
ऊंचाई भी बढ़ानी है और फिर रोलर से समतल करना है, इसके लिए करीब दो लाख रुपए के खर्च होने का अनुमान है लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल के कारण आम सभा और चन्दा का काम ठीक से नहीं हो पा रहा है फिर भी इनके हौसले से काम जारी है, एशिया टाईम्स से बातचीत में इन्होंने बताया कि अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधि या निगम अधिकारी मदद के लिए सामने नहीं आया है, मिडिया के माध्यम से पहले भी समस्या से रूबरू कराया गया है,जब किसी ने कोई पहल नहीं की तब खुद ही काम का बेड़ा उठाया और जनसहयोग से काम करवा रहे हैं, गौरतलब है कि फ़ैज़ कौलनी का कुछ भाग पंचायत क्षेत्र में आता था लेकिन नगर क्षेत्र का विस्तार होने और ग्रेटर मुजफ्फरपुर के प्रोजेक्ट की वजह से अब यह सभी इलाके निगम क्षेत्र में शामिल किए जा चुके हैं

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